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प्रियंका गांधी ने खीरी के गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाया, गरमाई सियासत

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लखीमपुर खीरी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के ट्विटर हैंडल से खीरी के गन्ना किसान का मुद्दा उठाने पर जहां गन्ना भुगतान पर बहस एक बार फिर से तेज हो गई, वहीं जनपद की सियासत से लेकर आम गन्ना किसानों में भी यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा। उधर, इस मामले में बीजेपी ने जहां इसे कांग्रेस का भ्रामक प्रचार बताया वहीं कांग्रेस ने 14 दिन के अंदर गन्ना भुगतान की बात उठाकर बीजेपी पर पटलवार किया।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के ट्विटर हैंडल से एक न्यूज पोर्टल की ख़बर को ट्वीट कर कहा गया कि लखीमपुर के किसान आलोक मिश्रा का छह लाख रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। उनको खेती और इलाज के लिए तीन लाख रुपये का लोन लेना पड़ा। मामले की ख़बर लगते ही सोशल मीडिया पर इस संबंध में बयानबाजी शुरू हो गई। जनपद के गन्ना किसानों में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय रहा। वहीं मामले में जनपद की सियासत भी गरम रही।
प्रियंका गांधी की तरफ से ईसानगर थाना क्षेत्र के कस्बा खमरिया स्थित गोविंद शुगर मिल पर फत्तेपुर गांव निवासी आलोक मिश्रा पुत्र दिनेश मिश्रा का करीब छह लाख बकाया होने के बावजूद तीन लाख के कर्ज पर ब्याज देने की बात कही गई।
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मामले में प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं जब गन्ना किसान आलोक मिश्रा से मामले में बात की गई तो उन्होंने बताया कि गोविंद शुगर मिल पर उनका छह लाख का भुगतान बकाया था, जिसमें उन्हें नवंबर 2020 में पैसों की काफी जरूरत थी, क्योंकि उनके दादा जी काफी बीमार थे और तीन नवंबर 2020 को उनके दादाजी का निधन हो गया था। मामले में जब मिल प्रशासन को अपनी परेशानी बताकर भुगतान के लिए कहा गया तो मिल प्रबंधन की तरफ से उन्हें सिर्फ 80 हजार का भुगतान किया गया। इस दौरान उन्होंने तीन लाख का कर्ज लिया, जिस पर उन्हें ब्याज देना पड़ रहा है।
तीन लाख का हुआ भुगतान, तीन लाख अब भी बकाया
गन्ना किसान आलोक मिश्रा ने यह भी बताया कि बाद में उन्हें पिछले सत्र का तीन लाख का भुगतान किया जा चुका है, जबकि इस सत्र का तीन लाख का भुगतान अभी बकाया है। उन्होंने इस सत्र का भी गन्ना भुगतान कराने की मांग की है।
गन्ना भुगतान का क्या है नियम
गन्ना एक्ट के मुताबिक, चीनी मिलों को गन्ना खरीद से 14 दिन के अंदर किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है। इसके बाद चीनी मिलों को ब्याज समेत भुगतान करना होता है। लेकिन, ऐरा चीनी मिल 14 दिन के अंदर भुगतान नहीं कर रही है, जबकि जनपद की कुछ चीनी मिलों में 14 दिन के अंदर भुगतान हो रहा है।
गन्ना किसान कह रहे हैं उनकी किसी से बात ही नहीं हुई है। प्रियंका गांधी के इस ट्वीट से कांग्रेस का चरित्र फिर उजागर हो गया है। एक बार फिर से यह साबित हुआ है कि कांग्रेस हमेशा भ्रामक प्रचार करती है। - सुनील सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष
प्रियंका जी ने जो भी लिखा है वह उदाहरण मात्र है। गन्ना भुगतान की समस्या से तो पूरा देश वाकिफ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने खुद लखीमपुर में आकर कहा था कि अगर गन्ना भुगतान 14 दिन में न हुआ तो फैक्ट्री नीलाम करवा देंगे। अब उनका वह वादा कहां है, गन्ना किसान को 14 दिन के अंदर भुगतान क्यों नहीं मिल रहा है। - प्रहलाद पटेल, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
ऐरा मिल ने पिछले साल का बकाया भुुगतान पहले ही कर दिया था। अब कांग्रेेस नेता द्वारा पुरानी खबर का ट्वीट किया गया है, जो पूरी तरह भ्रामक है। चालू सत्र में किसानों का गन्ना मूल्य बकाया है, जिसका समय-समय पर मिल द्वारा भुगतान किया जा रहा है। - ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
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