लखीमपुर खीरी। सर्द रात में पुलिस की गश्त सिकुड़ गई है। शाम ढलते ही चौराहे सुनसान हो जाते हैं। हालांकि, रात के समय पुलिस की गाड़ियां गश्त करती दिखती हैं लेकिन समय का अंतराल काफी अधिक है। इससे कोई भी वारदात आसानी से घट सकती है। ज्यादातर थाने और चौकियां होमगार्ड और पीआरडी जवानों के हवाले मिले।
देर रात होने वाले अपराधों को लेकर खीरी पुलिस कितनी अलर्ट है, इसके लिए शनिवार रात पड़ताल की गई। ज्यादातर चौकियों से प्रभारी सहित अन्य पुलिस कर्मी नदारद दिखे। एक-दो जगह को छोड़कर शहर के अन्य प्रवेश मार्गों पर गश्त होती नहीं दिखी।
रामापुर चेक प्वाइंट पर डायल 112 की टीम खड़ी दिखाई दी। चौकी प्रभारी कमरों में आराम फरमाते रहे। सुरक्षा की जिम्मेदारी पीआरडी जवान और होमगार्ड संभाले हुए थे। पड़ताल के दौरान हम शहर के रोडवेज, जेल गेट, मिश्राना, खीरी चौकी, महेवागंज, सेठघाट, सदर कोतवाली, थाना खीरी, संकटा देवी, राजापुर पहुंचे, जहां पर महज एक पीआरडी और होमगार्ड ही ड्यूटी पर तैनात थे। शहर के नौरंगाबाद चौराहे पर पुलिसकर्मी ड्यूटी करते मिले। इसके अलावा सेठघाट पर बने इंट्री प्वाइंट पर पुलिसकर्मी मुस्तैद थे।
कोतवाली परिसर में रात की ड्यूटी पर सिपाही तिलक राज और घनश्याम अपनी कुर्सी पर मुस्तैद दिखे। रोडवेज के आसपास के इलाकों में गश्त करते हुए सिपाही राहुल फोगाट और मनोज कुमार भी पहुंचे। उनका कहना था कि वह लगातार मूवमेंट करते हुए लोगों पर निगाह रखे हैं।
रामापुर चौकी प्रभारी दिनेश कुमार पांडेय कार्यालय परिसर में ही बने आवास में ब्लोअर में आराम फरमा रहे थे, जबकि एक होमगार्ड आग के सहारे रात बिता रहा था। टीम के आने की बात से गुस्साए चौकी प्रभारी ने कहा कि हम तो गुलाम हैं... और यही बात कहते हुए दोबारा कमरे में घुस गए। हालांकि, करीब दो घंटे बाद वह रोडवेज चौकी पर खड़े दिखे।
चौकी खीरी : समय रात 10:23 बजे
पड़ताल की शुरुआत खीरी चौकी से हुई। चौकी के बाहर पुलिसकर्मियों के बैठने के लिए कुर्सी और मेज तो पड़ी थीं लेकिन एक भी सिपाही वहां पर मौजूद नहीं था। चौकी के मेन दरवाजे पर कुंडी लगी थी। पूछने पर पता चला कि चौकी प्रभारी संजय कुमार यादव अवकाश पर चल रहे हैं, जबकि चार्ज एक महिला कर्मचारी के पास है। वह ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं दिखाई दीं।
थाना खीरी : समय रात 10:42 बजे
कुछ देर रुकने के बाद हमने थाना खीरी की ओर रुख किया। चौकी से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित थाने पर पहुंचे तो वहां के थाना प्रभारी निराला तिवारी ड्यूटी पर मुस्तैद थे। गश्त को लेकर वे अपनी टीम को दिशा-निर्देश देते हुए दिखाई दिए। यहां पर लगभग पूरा स्टाफ मौजूद मिला।
राजापुर चौकी : समय रात 10:55 बजे
शहर की सबसे व्यस्ततम चौकी राजापुर है। यहां से तमाम लोग बहराइच, लहरपुर, सीतापुर और गोला आदि जगह जाने के लिए वाहन का इंतजार करते हैं। देर रात एक भी सिपाही चौकी पर मौजूद नहीं था। चौकी प्रभारी संचित यादव की कुर्सी भी खाली पड़ी थी। यहां पर एक होमगार्ड चौकी की सुरक्षा में तैनात दिखाई दिया। पूछने पर बताया कि पुलिसकर्मी गश्त पर गए हैं लेकिन पड़ताल के दौरान कहीं भी गश्त होती नहीं दिखाई दी।
रामापुर चौकी : समय रात 11:11 बजे
इस समय हम रामापुर चौकी पहुंचे। यहां पर एक होमगार्ड आग तापता दिखाई दिया। बाकी पूरे कार्यालय में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। चौकी प्रभारी रामापुर दिनेश कुमार पांडेय अपने कमरे में आराम फरमा रहे थे।
बंद मिली मिश्राना चौकी
सदर कोतवाली की जेल गेट, संकटा देवी और रोडवेज चौकी पर पुलिस कितनी मुस्तैद है, इसकी पड़ताल की गई तो सभी चौकियां सूनी दिखाई दीं। मौजूद होमगार्ड और पीआरडी जवान का कहना था कि सभी लोग गश्त पर हैं, जबकि कॉल करने पर चौकी प्रभारी रोडवेज तेज सिंह ने कमरे पर होने की बात कही। अन्य का भी यही कहना था। मिश्राना चौकी के मेन गेट को छोड़कर कार्यालय के कमरे पर कुंडी लटकी हुई दिखी।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हर रात गश्त करते हैं। दो दिन पहले हमने खुद ही चेकिंग की थी। अगर चौकी प्रभारी लापरवाही बरत रहे हैं तो निश्चित तौर पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संकल्प शर्मा, एसपी
सूनी पड़ी रामापुर चौकी-संवाद
सूनी पड़ी रामापुर चौकी-संवाद
सूनी पड़ी रामापुर चौकी-संवाद
सूनी पड़ी रामापुर चौकी-संवाद