गोला गोकर्णनाथ। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में जनपद के किसानों को जाने से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार किसान नेताओं से संपर्क कर मनाने में जुटे हैं। इस बीच दो किसान संगठनों के जिलाध्यक्षों ने 26 जनवरी को हर हाल में दिल्ली जाने की घोषणा कर दी है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (आईटी सेल) के जिलाध्यक्ष अंजनी दीक्षित ने बताया कि शुक्रवार सुबह एसडीएम अखिलेश यादव और सीओ रविंद्र कुमार वर्मा ने करीब दो घंटे तक घर में बैठक कर दिल्ली न जाने का आग्रह किया। जबर्दस्ती जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही। एसओ हैदराबाद ने घर पर पुलिस का पहरा लगा दिया है, जिससे घर से निकलना मुश्किल हो रहा है।
‘पुलिस चाहे जो कर ले, हर हाल में जाएंगे दिल्ली’
ममरी। पुलिस-प्रशासन की कड़ी चौकसी के बाद भी किसानों का मनोबल कम नहीं हुआ है। थाना हैदराबाद क्षेत्र से भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष रामसिंह वर्मा, भाकियू अंबाबता गुट के जिलाध्यक्ष महादेव प्रसाद वर्मा के निर्देशन में 24 कार्यकर्ता 23 जनवरी को दिल्ली की किसान रैली में भाग लेने जाएंगे। किसान नेताओं ने बताया कि उनके संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, जिन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि यदि जरूरत पड़ी तो सभी कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने को तैयार रहेंगे। उन्होंने दिल्ली कूच की तैयारी शुरू कर दी है। संवाद
दिल्ली जाने के लिए किसानों ने बनाई रणनीति
धौरहरा। ईसानगर क्षेत्र के रेहुआ में किसानों ने कृषि कानूनों को वापस करने को लेकर चर्चा की और दिल्ली आंदोलन में पहुंचने की रणनीति बनाई।
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) टिकैत गुट के किसानों ने बैठक कर गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में पहुंचने की योजना बनाई। धौरहरा तहसील अध्यक्ष अमरनाथ वर्मा ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर धौरहरा तहसील के अधिक से अधिक किसान कृषि कानूनों को वापस करने की मांग के लिए जल्द ही दिल्ली रवाना होंगे। इस बीच अगर किसी प्रकार की दिक्कत हुई तो किसान क्षेत्र में ही ट्रैक्टर रैली निकालकर गणतंत्र दिवस मनाएंगे। बैठक में किसान नेता मुरलीधरक वर्मा, हरीश वर्मा, वेदप्रकाश, बद्री प्रसाद, कृष्णपाल सिंह, ब्रजेश कुमार गुप्ता, रमाकांत सिंह, रामबक्श सिंह, महेश चौधरी आदि रहे। संवाद