लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली के राजापुर चाैकी क्षेत्र स्थित एक ढाबा संचालक के साथ मारपीट, नगदी लूटने और धमकाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को तो जेल भेज दिया। एक महीने का समय बीत जाने के बाद भी नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फरार चल रहा है, दबिश दी जा रही है। आरोपी के पास फोन न होना भी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बीती 08 अगस्त की रात शहर के राजापुर पुलिस चौकी से महज़ कुछ कदम की दूरी पर रंगदारी वसूली न मिलने पर जानलेवा हमला करने के साथ ही गल्ले से नकदी और सोने की चेन लूटने की घटना हुई थी। ढाबा संचालक वीरेंद्र विश्वकर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि आवास विकास कालोनी निवासी रोहित शर्मा, अर्पण शुक्ल और सुंदरपुरम् निवासी देव जुनेजा उसके ढाबे के सामने किसी से रंगदारी मांग रहे थे।
ढाबा संचालक का आरोप था कि तीनों आरोपी कुछ देर बाद अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ उसके ढाबे पर आए और खाना खाकर जाने लगे। रुपये मांगे तो उक्त लोग उल्टे ही रंगदारी मांगने लगे। विरोध करने पर देव जुनेजा ने तमंचा निकालकर उनके सिर पर जोरदार वार किया। बाकी साथियों ने भी घेरकर जमकर मारा पीटा था। साथ ही काउंटर से बीस हजार रुपये नकद और गले से सोने की चेन लूट ली थी।
पुलिस ने ढाबा संचालक की तहरीर पर तीन लोगों को नामजद कर तीन अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला, रंगदारी, लूटपाट आदि सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। पुलिस ने इस मामले में अर्पण और रोहित शर्मा को जेल भेजा था लेकिन घटना के करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस आज तक देव जुनेजा को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसकी तलाश कर रही है लेकिन आरोपी के पास फोन न होने की वजह से
कहीं राजनीतिक दबाव में तो नहीं है कोतवाली पुलिस
लूट और रंगदारी मांगने जैसे मामले में एक माह बाद भी पुलिस नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। फरार चल रहे देव जुनेजा बजरंग दल के सीतापुर विभागाध्यक्ष बताए जाते हैं। शायद इसी वजह से पुलिस गिरफ्तारी करने से कतरा रही है। देव जुनेजा पर पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि पुलिस आज भी उसकी तलाश करने की बात कह रही है।
देव जुनेजा की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सुनने में आया है कि उसने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी डाली है जो पेंडिंग है। - हेमंत राय, इंस्पेक्टर सदर