नौ अगस्त की रात अस्पताल में हुआ था विवाद
एफआईआर में पुलिस ने किया था खेल
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने दी हड़ताल की चेतावनी
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में एंबुलेंस हटाने को लेकर संविदा स्टाफ नर्स (पुरुष) और जेल चौकी के दो सिपाहियों के बीच हुआ विवाद तूल पकड़ने लगा है। स्टाफ नर्स की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत मुकदमा दर्ज नही किया था लेकिन सिपाहियों की तहरीर पर स्टाफ नर्स सहित छह अन्य के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था, जिससे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के लोगों में आक्रोश है। परिषद के जिला संयोजक ने डीएम से स्टाफ नर्स सहित छह अन्य पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लेने अन्यथा तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार के साथ 19 अगस्त को इमरजेंसी सेवा भी बंद किए जाने की चेतावनी दी है।
परिषद के जिला संयोजक महंथ सिंह ने शनिवार को डीएम को ज्ञापन देकर पूरे मामले से अवगत कराया और एएसपी, एडीएम, सीएमओ, सीएमएस, सदर एसडीएम एवं सीओ सहित संगठनों के पदाधिकारियों के बीच हुए समझौता वार्ता के बाद धरना समाप्त कर दिया गया था लेकिन इसके बाद कोतवाली पुलिस ने स्टाफ नर्स अमित पांडे, मधुर, पवन पांडे सहित तीन अन्य लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जो कि समाझौता वार्ता का उल्लंघन है। जिला संयोजक ने डीएम को ज्ञापन देकर स्टाफ नर्स सहित छह लोगों पर दर्ज मुकदमे को निरस्त करने अन्यथा 16 अगस्त से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार करने के साथ ही 19 अगस्त को इमरजेंसी सेवा भी बंद किए जाने की चेतावनी दी है।
समर्थन में आए ये संगठन
डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ संघ, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ, संयुक्त राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश एक्स-रे टेक्नीशियन एसोसिएशन, यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, यूपी टीबी कंट्रोल वर्कर्स एसोसिएशन, राजकीय ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन, राजकीय वाहन चालक संघ, राजकीय कुष्ठ चिकित्सा कर्मचारी संघ, डार्क रूप सहायक संघ