भीरा। गांव धर्मापुर के सिद्धांत मिश्रा (30) की मौत का मामला अब आत्महत्या के लिए उकसाने में बदल गया है। परिजन के आरोपों और विसरा रिपोर्ट में जहर की पुष्टि के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमे में धाराएं बदलकर कार्रवाई की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है। धर्मापुर गांव निवासी सिद्धांत मिश्रा की शादी गोला कोतवाली के पिपरिया गंगा निवासी मोनी देवी से हुई थी। सिद्धांत के पिता त्रिगुजी नारायण मिश्रा ने बताया कि शादी के बाद से ही मोनी देवी का चाल-चलन ठीक नहीं था। वह फोन पर घंटों बात करती थी और मना करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी देती थी। इसी वजह से त्रिगुजी अपनी पत्नी शांति देवी के साथ गांव में अलग रहने लगे थे।
इसी बीच मझौरा निवासी राजेश कुमार मोनी देवी के संपर्क में आया। 15 नवंबर 2025 को मोनी देवी और सिद्धांत के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ। सिद्धांत दवा लेकर भीरा से लौटा और रात में सो गया।
आरोप है कि उसी रात मोनी देवी ने अपने प्रेमी राजेश कुमार को घर बुलाकर सिद्धांत को जहरीला इंजेक्शन लगवा दिया।
सिद्धांत की हालत बिगड़ने पर उसे पहले सीएचसी बिजुआ, फिर जिला अस्पताल और अंत में लखनऊ रेफर किया गया। जहां 16 नवंबर 2025 को उसकी मौत हो गई। पिता त्रिगुजी नारायण मिश्रा ने पत्नी मोनी देवी, सास अन्नपूर्णा देवी, उसके भाई अभिषेक, विवेक, संतोष और राजेश के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। पुलिस ने पहले मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
लगभग आठ महीने बाद 23 जुलाई को परिजन की तहरीर और सुरक्षित रखे गए विसरा की रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ लिया। विसरा रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई। इसके बाद भीरा थानाध्यक्ष अमित पांडेय ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पत्नी मोनी देवी और राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
सीओ गोला महक शर्मा ने बताया कि विसरा रिपोर्ट में जहर खाना आया है। इंजेक्शन से जहरीला पदार्थ देना नहीं आया है, इसलिए मर्डर की धारा हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने वाली धारा लगाकर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।