लखीमपुर के शृंगार रस के कवि नवल सुधांशु ने कहा कि एक दिन एक दिये ने कहा मन पतंगा सा कोई नहीं, तप भगीरथ सा कोई नहीं, जल भी गंगा सा कोई नहीं। झूमते बादलों ने कहा इंद्र धनुषों का भ्रम मिट गया, रंग सारे मिले हर जगह पर तिरंगे सा कोई नहीं।
जनपद बहराइच में पुलिस इंस्पेक्टर व कवि धर्मराज कवि शायर ने अपनी कविता के माध्यम से एक सच्चे पत्रकार के चित्रण को दिखाया और सुनाया। कहा, मुझे न तीर न तलवार की जरूरत है, सच को कहने को बस अखबार की जरूरत है। तख्तोताज की कोई नहीं ख्वाहिश मुझको, कलम में सिर्फ मुझे धार की जरूरत है।
इससे पहले कार्यक्रम में इस आयोजन में अमर उजाला के सहयोगी जेटीसी परिवार के इंद्रेश गुप्ता, स्पंदन नर्सिंग होम के डॉ. अंजित सिंह, चन्दरानी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. धीरेंद्र वर्मा, अजमानी पब्लिक स्कूल की एमडी गुरजीत कौर अजमानी, सनशाइन हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर की संचालक डॉ. कौशल वर्मा के प्रतिनिधि अनुज सिंह और डॉ. रवि शंकर त्रिवेदी का डीएम व एसपी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।