पलियाकलां। लेखन और काव्य के क्षेत्र में जिले की प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। ‘शब्द-ए-सफर’ के तत्वावधान में आयोजित प्रतिध्वनि राष्ट्रीय ऑनलाइन ओपन माइक प्रतियोगिता में पलिया कस्बे के कवि एवं लेखक अंकुर सिंह ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश सहित कई हिंदी भाषी राज्यों के कवियों और लेखकों ने सहभागिता की। अंकुर सिंह ने प्रस्तुत स्वलिखित कविताएं ‘’कुछ रह गया तो कुछ आया भी होगा हिस्से सबके, चाहे अमृत हो या जहर’’ तथा ‘’दुख को अपने सीते-सीते उसको तुरपाई आई है’’ ने निर्णायक मंडल को गहराई से प्रभावित किया।
उनका लेखन वर्तमान सामाजिक परिवेश, आशावाद, मानसिक स्वास्थ्य, जीवन संघर्ष और स्वस्थ समाज की भूमिका जैसे विषयों पर केंद्रित है। प्रतियोगिता में डॉ. रविकांत एवं तरुण श्रीवास्तव ने प्रथम, अंकुर सिंह एवं ऐश्वर्या ने द्वितीय तथा आंचल जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजयी प्रतिभागियों को प्रतियोगिता की आयोजक लेखक साक्षी सिन्हा और जनआलय एनजीओ की संस्थापिका शिखा विश्वकर्मा ने प्रमाणपत्र प्रदान किए। संवाद