वहीं 1.58 लाख किसानों ने जब ई-केवाईसी नहीं कराई, तो उनके डाटा के आधार पर जांच कराई गई। जांच में पता चला कि 39 हजार किसान मृतक/अपात्र हो गए हैं, जबकि 1.19 लाख किसानों का पता नहीं चल रहा है। इनके पते पर इनका निवास नहीं मिला है और जमीन की गाटा संख्या भी फर्जी पाई गई है।
सम्मान निधि की रिकवरी करने में आएंगी अड़चनें
पीएम किसान सम्मान निधि में अपात्र पाए गए किसानों से धनराशि की वसूली किए जाने का प्रावधान है, जिसके आधार पर कई किसानों से धनराशि वापस भी कराई जा चुकी है। जबकि कृषि विभाग के रडार से गायब हुए 1.19 लाख किसानों से धनराशि की वसूली के मामले में विभाग के सामने अड़चनें आ सकती हैं, क्योंकि इनके नाम-पते गड़बड़ पाए गए हैं और न ही जमीन ट्रेस हो पाई है।
ई-केवाईसी कराने वाले किसानों को ही मिलेगी 13वीं किस्त
पीएम किसान सम्मान निधि की 13वीं किस्त किसानों को इसी महीने फरवरी में भेजी जाएगी। इससे कृषि विभाग ने अभी तक ई-केवाईसी न कराने वाले किसानों से शीघ्र ई-केवाईसी कराने के लिए कहा है। कृषि विभाग के मुताबिक 6.45 लाख के सापेक्ष 4.87 लाख किसान वैध मिले हैं, जिसमें से करीब 55 हजार किसानों की ई-केवाईसी होनी है। ई-केवाईसी कराने वाले किसानों के खातों में ही 13वीं किस्त भेजी जाएगी।
ऐसे कराएं ई-केवाईसी
उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्रा ने बताया कि मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वैध मिले 4.87 लाख किसानों में से 55 हजार किसानों की ई-केवाईसी होना शेष है, जिसके लिए किसानों में प्रचार प्रसार कराया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर, लोकवाणी केंद्र या डाकघर के माध्यम से भी किसान ई-केवाईसी करा सकते हैं।