पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में लगातार बढ़ोत्तरी आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ने लगी है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। पेट्रोल डीजल के मूल्यों में वृद्धि से यात्रा व्यय के साथ महंगाई बढ़ना भी तय है। विकास की संपूर्ण प्रक्रिया परिवहन पर टिकी है। माल भाड़ा बढ़ने से विभिन्न वस्तुओं की उत्पादन लागत और परिवहन लागत बढ़ जाएगी। इससे महंगाई बढ़ेगी और इसका खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि जिस रफ्तार से पिछले कुछ दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य बढ़े हैं उस रफ्तार से इससे पहले कभी बढ़ोत्तरी नहीं हुई।
पेट्रोलियम पदार्थों में बढ़ोत्तरी से देश की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर वाणिज्य और अर्थशास्त्रियों से बात की गई तो उनका मानना था कि सरकार अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी पर अंकुश लगा सकती है। अर्थशात्रियों ने पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की भी वकालत की।
पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य बढ़ने से बढ़ेगी महंगाई
पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में जिस तरह बढ़ोतरी हो रही है उससे मालभाड़ा बढ़ेगा इससे महंगाई बढ़ना तय है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है। सरकार उत्पाद शुल्क में कमी करके और राज्य सरकार वैट की दरों में कमी कर कीमतों पर अंकुश लगा सकती है। पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी के दायरे में लाने से ही समस्या का समाधान होगा। डॉ. डीएन मालपानी, प्राचार्य, वाईडी कॉलेज
देश की अर्थव्यवस्था और विकास पर असर पड़ेगा
कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय बाजार के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे परिवहन और माल भाड़े में बढ़ोतरी होगी। परिवहन विकास की धुरी है। परिवहन महंगा होने से विकास तो प्रभावित होगा ही साथ ही महंगाई बढ़ने से व्यापार पर भी असर पड़ेगा। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ेगा।
- डॉ. ज्याति पंत, प्रवक्ता अर्थशास्त्र, वाईडी कालेज
पेट्रोलियम पदार्थ भी जीएसटी के दायरे में लाएं
सरकार ने चालाकी दिखाते हुए पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में शामिल नहीं किया है। पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने से कीमतों पर स्वत: अंकुश लग सकता है। कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर पेट्रोलियम कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। पेट्रोल डीजल के मूल्य बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी और आम जनता पर बोझ पड़ेगा। - डॉ. एससी मिश्र, रिटायर्ड प्रोफेसर, वाईडी कॉलेज
महंगाई बढने से व्यापार पर भी पड़ेगा बुरा असर
पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी से महंगाई बढ़ना निश्चित है। माल भाड़ा और परिवहन व्यय बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। लोगों की क्रय शक्ति घटेगी और इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ेगा। पिछले कुछ दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों में रिकार्ड बढ़ोतरी हुई है। यह आम जनता के हित में नहीं है। कीमतों पर अंकुश लगाना जरूरी है।
- संजय अग्रवाल, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल, लखीमपुर
माला भाड़ा और यात्री किराया भी बढ़ेगा
पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में लगातार बढ़ोतरी होने से माल भाड़ा बढ़ना तय है। बसों में यात्री किराया भी बढ़ेगा। माल भाड़ा बढ़ने से वस्तुओं की उत्पादन लागत और माल को इधर से उधर पहुंचाने का किराया भी बढ़ेगा। जिससे महंगाई बढ़ेगी और लोगों को अतिरिक्त मूल्य चुकाना होगा। पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में वृद्धि न देश के हित में है न जनता के हित में। - राजू राना, ट्रांसपोर्टर लखीमपुर खीरी।
लोगों की आय बढ़ी नहीं, खर्च बढ़ाने का इंतजाम
डीजल और पेट्रोल के मूल्यों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर जनता की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। पिछले चार साल में महंगाई में तो कमी आई नहीं, डीजल पेट्रोल के मूल्यों में बढ़ोतरी करके महंगाई बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। लोगों की आय में बढ़ोतरी करने के बजाय उसकी जेब काटने का इंतजाम किया जा रहा है। - डॉ. राम पाल सिंह, रिटायर्ड प्रवक्ता