लखीमपुर खीरी। जिले के लिए अच्छी खबर है। अब हर विकास खंडों में एक-एक स्थायी हेलीपैड बनाया जाएगा, ताकि आपातकालीन स्थितियों व वीआईपी मूवमेंट में उनका उपयोग किया जा सके। शासन से निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। डीएम में सभी एसडीएम से स्थायी हेलीपैड बनाए जाने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में मौजूदा समय पुलिस लाइन व पलिया में स्थाई हेलीपैड हैं। अब मितौली, पसगवां, मोहम्मदी, कुंभी-गोला, बांकेगंज, बेहजम, निघासन, धौरहरा, रमियाबेहड़, नकहा, ईसानगर, बिजुआ, फूलबेहड़ ब्लाक क्षेत्रों में स्थाई हेलीपैड बनाए जाने की तैयारी है। अब तक वीआइपी दौरों के समय अस्थायी हेलीपैड बनाए जाते हैं। इसमें समय व धन बर्बाद होता है लेकिन स्थायी बनने से समस्या का समाधान हो जाएगा। इसमें रुपयों की बर्बादी नहीं होगी। साल में पांच से सात वीआईपी मूवमेंट होते हैं। चुनाव के दौरान वीआईपी मूवमेंट की संख्या बहुत बढ़ी है। इनके लिए अस्थायी हेलीपैड बनाए जाते हैं, जिसके लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। स्थायी हेलीपैड बनाए जाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है।
हेलीपैड के लिए रोड कनेक्टिविटी जरूरी
-ब्लाॅक क्षेत्रों में जहां भी हेलीपैड बनेगा, वह स्थान मुख्य मार्ग की कनेक्टिविटी में होना चाहिए। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने सभी एसडीएम से अनुरोध है कि वे लखीमपुर व पलिया ब्लॉक को छोड़कर अन्य ब्लॉक हेडक्वार्टर में खुले एरिया में कम से कम 0.25 हेक्टेयर ज़मीन दें। उस एरिया में चारों ओर ऊंचे पेड़ व बिजली के तार जैसी बाधाएं न हों। कहा कि रोड कनेक्टिविटी का विशेष ध्यान रखा जाए। डीएम ने हर ब्लॉक के लिए साइट सिलेक्शन के लिए पीडब्ल्यूडी के एई को नॉमिनेट किया है।
शासन ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
जिले में स्थाई हेलीपैड बनाए जाने के लिए दो दिन पहले शासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी, जिसमें जिला प्रशासन के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शासन ने निर्देश दिए कि जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराए, ताकि आगे का काम तेजी से कराया जा सके।
पलिया, लखीमपुर को छोड़कर सभी विकास खंडों में स्थाई हेलीपैड बनाए जाने हैं। एसडीएम के माध्यम से जमीन चिन्हित की जा रही हैं। हेलीपैड का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाना है।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम प्रशासन