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पुलिस पर निर्दोष लोगों को जेल भेजने का आरोप, घेरा थाना

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पलिया-भीरा रोड पर कचनारा के पास रोड जाम किए ग्रामीण। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां। दौलतापुर के प्रधान पुत्र, एक भाजपा बूथ अध्यक्ष के भाई और एक अन्य को हत्या के आरोप में जेल भेजे जाने से दौलतापुर गांव के ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों का आरोप है कि उनका गांव के ही एक व्यक्ति से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद उक्त व्यक्ति ने पलिया थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामले में खेल करते हुए किसी अन्य हत्या के मुकदमे में तीनों को शामिल करते हुए जेल भेजा है जो कि गलत है। इसी क्रम में भाजपा के बूथ अध्यक्ष का भाई होने के कारण काफी संख्या में भाजपाई भी थाने पहुंच गए और हंगामा किया। इससे पहले ग्रामीणों ने पलिया-शाहजहांपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम भी लगाया जो लगभग एक घंटा लगा रहा। सीओ निघासन ने किसी तरह ग्रामीणों को समझाबुझाकर जाम खुलवाया।
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बता दें कि दौलतापुर ग्राम प्रधान मोहर सिंह का आरोप है कि गांव का ही एक व्यक्ति कुछ लोगों के साथ गांव के गाटा संख्या 329 जो शारदा नदी में दर्ज है पर मछली का अवैध शिकार कर रहा था। इसकी सूचना पर जब वह गए तो उक्त लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसपर वह किसी तरह से वहां से चले आए। आरोप है कि 11 सितंबर को रात एक बजे उक्त लोग काफी भीड़ के साथ पुलिस को लेकर पहुंचे और उनके पुत्र अभिषेक समेत गांव के तीन लोगों को पकड़ ले गए। इसकी जानकारी भीरा थाने में की गई तो वहां से पुलिस न भेजे जाने की बात कही गई। आरोप है कि सांठगांठ कर पुलिस ने मोहल्ला इकरामनगर में बीती छह जून को मिले मोहम्मद हुसैन पुत्र अब्दुल सलाम की हत्या के आरोप में उसके पुत्र व दो अन्य लोगों को जेल भिजवा दिया। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों में रोष फैल गया। शनिवार को काफी संख्या में ग्रामीणों ने पलिया-शाहजहांपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कचनारा गांव के पास जाम लगा दिया। लगभग एक घंटा तक रोड जाम रही। जिसके बाद सीओ निघासन प्रदीप कुमार वर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया और जाम को खुलवाया। उधर बूथ अध्यक्ष मटरूलाल के भाई रामसरन को भी पुलिस ने इस मामले में जेल भेजा है। जिसके बाद भाजपाइयों में भी उबाल आ गया और काफी संख्या में भाजपाई थाने पहुंच गए और वहीं पर धरने पर बैठ गए। भाजपाइयों का आरोप था कि पुलिस से सांठगांठ कर विपक्षियों ने रंजिशन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भिजवाया है जो गलत है। उधर, धरना प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम अमरेश कुमार, सीओ निघासन प्रदीप कुमार वर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और भाजपाइयों को समझाया। भारी संख्या में ग्रामीण महिला व पुरूषों की भीड़ भी थाने में जमा रही।
निष्पक्ष जांच कर निर्दोषों को रिहा करने के आश्वासन पर माने
गुस्साए ग्रामीणों और भाजपाइयों को एसडीएम अमरेश कुमार व निघासन सीओ प्रदीप कुमार वर्मा ने आश्वासन देते हुए कहा कि मामले में विवेचना कर रहे अधिकारी को बदलकर दूसरे अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जिसमें अगर यह तीनों लोग निर्दोष पाए जाते हैं तो पुलिस की एक धारा के तहत तीनों का नाम निकालकर उन्हें मुकदमे से हटा दिया जाएगा।
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अपनी ही सत्ता में धरने पर बैठे भाजपाई
मामले में पुलिस पर आरोप लगाते हुए भाजपाई अपनी ही सत्ता में धरने पर थाने में जाकर बैठ गए। मां शारदा मंडल अध्यक्ष शशिशंकर शुक्ला, नगर अध्यक्ष उदयवीर सिंह, संपूर्णानगर मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह, महामंत्री सुनील शुक्ला, शिवराज राणा, विजय गुप्ता, वरूण मिश्रा, सेवक सिंह, श्याम किशोर, जलाखन राणा, सोनेलाल, सोबरन मौर्य, आशुतोष शुक्ला आदि ने थाने का घेराव कर धरना दिया।
तैनात रहा भारी पुलिस बल, मचा रहा हड़कंप
मामले में ग्रामीणों की भारी भीड़ व भाजपाइयों के हंगामें के बाद भारी पुलिस बल थाना परिसर में तैनात रहा। कई थानों की पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जमा रही।
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