पूरनपुर। शारदा नदी पर पैंटून पुल निर्धारित तिथि के दो माह बाद भी नहीं बन सका। बनाए जा रहे पुल के समीप नदी के कटान करने से पुल का काम सप्ताह भर से रुका है। करीब एक लाख की आबादी पुल बनने का इंतजार कर रही है। पुल न बनने से शारदा पार आवागमन करने वालों को 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
तहसील क्षेत्र के शारदा पार गांवों तक आने-जाने के लिए शारदा नदी पर हर साल पैंटून पुल बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका पर पुल 15 जून को हटाने और शारदा नदी में पानी कम होने पर 15 अक्तूबर को पुल से आवागमन शुरू करने की तिथियां निर्धारित हैं। पिछले दो सालों से पुल हटा तो लिया जा रहा है, लेकिन निर्धारित समय पर तैयार नहीं किया जा रहा।
पिछले साल पुल से आवागमन सात जनवरी से शुरू हो सका था। पिछले कई सालों से नदी तीन धारों में बहती रही है। इससे पुल शारदा नदी की तीनों धारों पर बनाया जाता था। इस बार पुल 28 अक्तूबर को बनकर तैयार हो गया था। सबसे चौड़ी धार पर पुल बनाने को काम तो शुरू किया गया, जो अंतिम चरण में था।
इस दौरान नदी ने पुल के समीप कटान शुरू कर दिया। इससे पुल बनाने का काम रोक दिया गया। पैंटून पुल न बनने से शारदा पार आवागमन करने वाले लोगों को भारी असुविधा हो रही है। 30 किलोमीटर की जगह लोगों को शारदा पार आवागमन को शाहजहांपुर के खुटार, मैलानी, संपूर्णानगर, पलिया होते हुए 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
जेई मनोज कुमार ने बताया कि नदी ने पुल के समीप कटान कर दिया था। कटान में गहरा गड्ढा हो गया। मिट्टी के कट्टे डालकर अब पुल के समीप गड्ढे को भरवा दिया गया है। मंगलवार से शारदा नदी के रास्ते पर चकर प्लेटें बिछानी शुरू की जाएंगी। पुल में दो जोड़ी पैंटून और लगेंगे।
इनको शीघ्र लगवाने के बाद तीसरी सबसे छोटी धार पर पुल बनवाया जाएगा। बताया कि इस महीने के अंत पुल से आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।
अब नदी की दो धारों पर ही बनेगा पुल
कई सालों से नदी तीन धारों में बह रही थी। इस बार भी तीन धारों पर पुल बनाने की तैयारी शुरू की गई। एक धार पर पुल बना दिया गया था। जेई मनोज कुमार ने बताया कि नदी की जिस छोटी धार पर पुल बनाया गया था, वह अब सूख गई है। पुल दो धारों पर बनेगा। जो धार सूख गई है। उस पर बने पुल के सामान को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है।
16 ग्राम पंचायतों की सवा लाख आबादी को होती असुविधा
शारदा पार इलाके में ग्राम पंचायत मुरैनिया गांधी, शांतीनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित 16 ग्राम पंचायतों में करीब एक लाख की आबादी है। बरसात में पुल हटने से लोगों को तहसील मुख्यालय आवागमन में भारी असुविधा होती है।