जिले के पेंशनधारकों के लिए हाईटेक व्यवस्था जी का जंजाल बन गई है। विकलांग, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के लाभार्थियोें को इस वर्ष पेंशन पाने के लिए भटकना पड़ रहा है। जबकि शासन की मंशा ऑनलाइन और नेफ्ट सिस्टम से उनके खातों में रकम भेजने की थी, जिससे काम तेजी के बजाय बेहद धीमी गति से हो रहा है।
जिले में विकलांग पेंशन योजना के तहत 11,151 लाभार्थी हैं। इन लोगों को इस वित्त वर्ष में अभी तक प्रथम किस्त के तौर पर 1800-1800 रुपये मिले हैं। दूसरी किस्त इनके खातों में जनवरी तक पहुंचनी थी, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते इन्हेें पेंशन नहीं मिली है। वृद्धावस्था पेंशन पाने वालों की संख्या 84,414 हैं, जिनमें करीब 27 हजार लोगों को ही प्रथम किस्त मिली है, जबकि करीब 57 हजार लाभार्थियोें को अभी प्रथम किस्त भी नहीं मिली है। ऐसे में दूसरी किस्त कब तक मिलेगी? इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है। इसी तरह विधवा पेंशन योजना के तहत जिले में 61,200 लाभार्थी हैं, जिन्हें प्रथम किस्त मिल चुकी है। अब लाभार्थी दूसरी किस्त के लिए कई महीनों से दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।
उधर इस बाबत जिला विकलांग कल्याण अधिकारी गणेश प्रसाद ने बताया कि विकलांग पेंशन योजना के तहत प्रथम किस्त जिले से ही भेजी गई थी, जिससे विकलांगों के खाते में रकम समय से पहुंच गई थी। अब दूसरी किस्त का भुगतान निदेशालय स्तर (लखनऊ) से भेजा जाना है। डाटा कलेक्शन अपलोड करने का काम चल रहा है। इसके कारण फरवरी के अंतिम सप्ताह तक सभी के खाते में पेंशन पहुंच जाएगी।
वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी बीके सिंह ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते इस बार दूसरी किस्त जारी होने में देर हुई है। पहली किस्त जिला कार्यालय से ही भेजी गई थी। उम्मीद है कि फरवरी तक विधवा लाभार्थियोें के खातों में पेंशन भेज दी जाएगी।