किसानों की समस्या को लेकर ज्ञापन देने जाते पीस पार्टी कार्यकर्ता। संवाद
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लखीमपुर खीरी। पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को केंद्र सरकार के कृषि सुधार अधिनियम बिल का विरोध कर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर बिल वापस लिए जाने आदि की मांग की।
जिलाध्यक्ष अशरफ अली अंसारी के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता सोमवार को बिल के विरोध में नसिरूद्दीन मौजी मैदान में इकठ्ठा हुए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि कृषि सुधार अधिनियम किसानों के हित में नहीं है। कॉरपोरेट घराने फसल का भंडारण कर कालाबाजारी करेगें। इससे कीमत बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। वहीं सहकारी समितियां और कृषि उपज मंडी किसानों को बल प्रदान करती थी, लेकिन इस काननू से यह धीरे धीरे समाप्त हो जाएंगी। आजादी से पहले भी अंग्रेजी हुकूमत के अधीन नील की खेती होती थी, जिसका महात्मा गांधी और किसानों ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी काफी नीचे पहुंच चुकी है। इसे सुधारने के लिए कृषि सेक्टर बेहतर काम कर रहा है। मगर, केंद्र सरकार इसे भी विदेशी कंपनियों के हाथ देकर अन्नदाता को गुलाम बनाकर अपमानित करना चाहती है। इसके बाद जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर बिल वापस लेने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने की मांग की है। इस मौके पर बरकत अली अंसारी, मुजीबुद्दीन अंसारी, श्रीकृष्ण आदि मौजूद रहे।