नगरीय स्वास्थ केंद्र नौरगांबाद में टीकाकरण करती स्वास्थ कर्मी
लखीमपुर खीरी। जिले में पीसीवी (न्यूमोकोकल संयुग्म वैक्सीन) वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया है। इससे बच्चों को निमोनिया से सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीन नहीं लग पा रही है। ऐसे में मासूम बिना टीकाकरण कराएं ही केंद्र से वापस लौट रहे हैं।
कोरोना काल में टीकाकरण से छूटे बच्चों का वैक्सीनेशन कराने के लिए जिले में विशेष अभियान चल रहा है। इसका पहला पखवाड़ा नौ से 20 जनवरी तक चला और अब 13 से 24 फरवरी तक दूसर चरण चल रहा है। मगर, जिले में पीसीवी वैक्सीन न होने से बच्चों को निमोनिया रोग से सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा कवच नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि इस अभियान में 11 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए जन्म से पांच साल तक के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है।
हालांकि पीसीवी को छोड़कर जिले में अन्य सभी वैक्सीन उपलब्ध है। पीसीवी का एक टीका जन्म के डेढ़ माह बाद, दूसरा टीका साढ़े तीन माह और फिर तीसरा टीका नौ माह पर लगाया जाता है, लेकिन वैक्सीन के अभाव में महिला अस्पताल से लेकर नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच रही माताएं बिना वैक्सीनेशन कराए ही घर वापस लौट जा रही हैं।
गिनती की मिल रहीं वायल
पीसीवी वैक्सीन का प्रदेश मुख्यालय पर भी अकाल है। ऐसे में वैक्सीन आने पर जिले को गिनती की वायल ही मिल पा रही हैं। जबकि जिले में 0 से लेकर नौ माह तक के बच्चों की संख्या करीब एक लाख है। ऐसे में तमाम बच्चे ऐसे हैं, जिनको न तो डेढ़ माह पर ही निमोनिया का टीका लग सका और न ही साढ़े तीन माह पर। विभागीय लोगों की मानें तो यदि इसी तरह कमी रही तो सभी बच्चों को वैक्सीन का लगना नामुमकिन होगा।