बेस कैंप में मादा हाथी रूपकली की सेहत का हाल जानते डीडी दुधवा।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व की पालतू हथिनी पवनकली कई दिनों से बीमार है। 65 साल की उम्र पूरी कर चुकी पवनकली को मानव- वन्यजीव संघर्ष रोकने में महारथ हासिल है। वह उप्र और उत्तराखंड के कई अभियानों में अपना कारनामा दिखा चुकी है। कुछ दिनों से उसके आगे के दाेनों पैरों में नाखून के बीच में जख्म हो गए हैं। जिनका इलाज चल रहा है लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
राजकीय सेवा में लगी मादा हाथी पवनकली को सैलानियों को जंगल सफारी कराने में भी महारथ हासिल है। पवनकली बीमार होने से पहले तक जंगल भ्रमण कर रही थी। दूसरे हाथियों के लिए भी चारा लाती थी। देखरेख के बावजूद वृद्धावस्था की बीमारियां उसे घेरने लगी हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने बताया कि कुछ दिनों से पवनकली के आगे के दोनों पैरों के नाखून में जख्म हो गए हैं। उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी. अपनी निगरानी में इलाज करा रहे हैं।