लखीमपुर खीरी। ठंड के बढ़ते ही त्वचा से संबंधित रोगियों में इजाफा हो रहा है। वहीं, इन दिनों स्क्लेरोडर्मा नाम की गंभीर बीमारी के मरीज भी जिले में सामने आ रहे हैं। सामान्यत: इस बीमारी के मरीज कम ही दिखाए देते हैं। हालांकि, इस समय जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है यह गंभीर बीमारी है, इसमें एहतियात बरतने की जरूरत है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में त्वचा रोग के करीब 100-120 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इसमें प्रतिमाह चार-पांच मरीज स्क्लेरोडर्मा के भी पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र गौतम ने बताया कि स्क्लेरोडर्मा एक गंभीर बीमारी है, पहले बहुत कम मरीज सामने आते थे, लेकिन कुछ समय से प्रतिमाह चार से पांच मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह रोग अंगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। स्क्लेरोडर्मा को दवाओं और फिजियोथेरेपी से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता की बेहद कमी है, जिससे समय पर पहचान और इलाज में देर होती है। अगर किसी को इस बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो बिना लापरवाही किए चिकित्सक से संपर्क करें।
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यह है स्क्लेरोडर्मा
डाॅ. दीपेंद्र गौतम ने बताया कि स्क्लेरोडर्मा एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, इसमें शरीर की इम्यून प्रणाली खुद ही त्वचा और अंगों पर हमला करने लगती है। इससे त्वचा सख्त और कसी हुई हो जाती है। यह बीमारी केवल त्वचा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि फेफड़े, हृदय, पाचन तंत्र और जोड़ों को भी प्रभावित कर सकती है। लापरवाही करने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-ठंड में बाहर जाते समय गर्म कपड़े पहनें, खासकर दस्ताने और मोजे।
-त्वचा को हाइड्रेटेड रखने के लिए नियमित रूप से मॉइस्चराइजर का उपयोग करें।
-धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग करें।
-तनाव कम करें।
-धूम्रपान का उपयोग न करें।
-नियमित व्यायाम करें।
-फलों, सब्जियों और साबुत अनाज से भरपूर संतुलित आहार लें।