फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri: जिला अस्पताल में बीमार पिता की मौत, 14 साल का बेटा बोला- डॉक्टर देखने तक नहीं आए

Sat, 18 Mar 2023 06:25 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने इलाज किया। इसके बाद मरीज को आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया, जहां कोई भी डॉक्टर उन्हें देखने तक नहीं आया। 
विज्ञापन
मृतक के रोते-बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी के ओयल में एमसीएच विंग स्थित जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने शुक्रवार को डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि मरीज को डॉक्टर देखने तक नहीं पहुंचे। स्थिति बिगड़ने पर रेफर के लिये कहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। 

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक ओयल के मोहल्ला महाबीरी निवासी रामचंदर पाण्डे (54) को बृहस्पतिवार की देर रात अचानक तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने बताया कि रामचंदर का बीपी लो होने के चलते इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने इलाज किया। 

Lakhimpur Kheri News: खेत में गन्ना छील रहे 15 साल के लड़के पर बाघ ने किया हमला, ऐसे बची जान
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि हालत में सुधार होने पर अस्पताल के तीसरी मंजिल पर आइसोलेशन वार्ड के बेड नंबर 23 पर भर्ती किया। लेकिन, रात में भर्ती होने के बाद से अगले दिन दोपहर एक बजे तक कोई भी डॉक्टर राउंड करने ही नहीं पहुंचा, जिससे उनकी हालत बिगड़ती गई। 

विज्ञापन

14 साल का बेटा बोला- पिता को देखने नहीं आए डॉक्टर

मृतक के 14 वर्षीय पुत्र आदर्श पांडे ने रोते हुए बताया कि उसके पिता की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के चलते हुई है। कहा कि मेरे पापा रात दो बजे से जब से भर्ती हुए तब से कोई भी डॉक्टर झांकने तक नहीं आया। मौत के दस मिनट पूर्व हम लोगों से कहा गया कि दस मिनट में इन्हें लखनऊ ले जाओ। लेकिन ऐसी कौन सी ऐंबुलेंस है जो कि पिता को 10 मिनट में लखनऊ पहुंचा देती। 

इस बारे में आइसोलेशन वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स ने बताया कि जो भी दवा डॉक्टर ने लिखी थी वह लगाई गई थी। शुक्रवार को एक बजे ही रेफर कर दिया गया था। लेकिन, परिजन नहीं ले गए, जिससे मरीज की मौत हो गई। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें