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पसगवां सीएचसी : नहीं हो रहीं खून की जांचें, कई दवाएं भी कम

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पसगवां सीएचसी- संवाद
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पसगवां। जनपद की पसगवां सीएचसी पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। मशीन खराब होने पर खून की जांचें नहीं हो पा रहीं हैं। वहीं बिजली के अभाव में एक्स-रे का काम ठप रहता है। अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था भी नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टर के अभाव में अधिकांश मरीजों को जिला मुख्यालय रेफर किया जाता है।
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सीएचसी में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) न होने से मूलभूत ढांचा चरमराया हुआ है। 30 की जगह सीएचसी की क्षमता 50 बेड की जा रही है, लेकिन चिकित्साधिकारियों, विशेषज्ञ सहित पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के चलते व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए दवाओं की भी कमी है। इस वजह से आसपास के मेडिकल स्टोरों पर काफी भीड़ देखने को मिलती है।
यूनानी चिकित्सा के लिए डॉक्टर व कुछ स्टाफ संविदा पर हैं, लेकिन दवाएं नहीं हैं। पेयजल सांसद रेखा वर्मा ने सीएचसी गेट पर आरओ मशीन लगवाई थी, लेकिन वह आज तक चालू नहीं हो सकी।
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बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर छह माह से खराब

सीएचसी में बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर छह माह से खराब होने से एलएफटी, केएफटी, लिपिक प्रोफाइल आदि जांचें अधर में अटकी हैं। वहीं बीबीसी मशीन खराब होने से हीमोग्लोबिन, पीएलसी, डीएलसी, प्लेटलेट्स आदि की सामान्य जांचे प्रभावित है। बिजली के अभाव में मरीजों के एक्सरे नहीं हो पाते हैं। ऐसे में मरीज काफी परेशान होते हैं।

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21 आरोग्य मंदिरों में सीएचओ नहीं

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के इलाज के लिए 43 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आरोग्य मंदिर) है। इसमें आधे सेंटरों पर सीएचओ तैनात नहीं हैं। 21 केंद्र बिना सीएचओ संचालित हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को प्राथमिक उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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