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Lakhimpur Kheri News: गणित और समसामयिक के सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया

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प्रकाश कुमार-संवाद
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लखीमपुर खीरी। शहर और आसपास के इलाकों के अलावा दूसरे प्रदेशों से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों की आंखों में पुलिस की नौकरी पाने की लालसा साफ दिखाई दे रही थी। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों का कहना था कि गणित और समसामयिक के सवालों ने काफी देर तक उलझाए रखा।
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बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली सहित कई प्रदेशों से अभ्यर्थी पेपर देने के लिए लखीमपुर पहुंचे। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि जनवरी में वेकेंसी निकाली गईं थी और फरवरी में पेपर हो गया। तैयारी के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिल पाया। उधर, हजारों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों को रात गुजारने के लिए होटल, लाॅज और धर्मशालाओं में कमरे कम पड़ गए। ऐसे में सैकड़ाें की संख्या में अभ्यर्थियों ने रेलवे स्टेशन और रोडवेज सहित नगर पालिका के रैन बसेरे में रात गुजारी।







कोषागार के डबल लॉक में रखवाईं ओएमआर शीट



डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा ने ॐ साई विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लीलाकुआ समेत अन्य कॉलेजों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। एडीएम संजय कुमार सिंह ने सनातन धर्म सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, कुंवर खुशवख्त राय विद्यालय, ला मार्टिना समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। शाम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ओएमआर शीट सील लिफाफों में कोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित रखवाई गई।
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बंद रहे साइबर कैफे



महेवागंज। कस्बे में नवभारत पब्लिक इंटर कॉलेज, ग्रीन फील्ड एकेडमी और शारदा नगर ढखवा के गोमती इंटर कालेज में कैमरे की नजर में परीक्षार्थियों की बॉयोमेट्रिक कराकर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा केंद्र से 500 मीटर की दूरी पर स्थित साइबर कैफे और कंप्यूटर की दुकानें भी बंद रही।



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बोले परीक्षार्थी- ताजा मुद्दों पर कोई सवाल नहीं पूछा गया



शहर निवासी सोमिल भी परीक्षा में शामिल हुए। उनका कहना था कि पेपर में लगभग सभी विषयों को समाहित किया गया था लेकिन तत्कालीन मुद्दों को लेकर कोई भी सवाल नहीं पूछे गए। हालांकि समय को ध्यान में रखते हुए प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। अब रिजल्ट आने का इंतजार है।







निघासन तहसील के ग्राम सिंगाही निवासी गोपी अर्क बताती हैं कि सबसे ज्यादा गणित के सवालों को हल करने में समय लगा। सवाल काफी थे और समय कम था। फिर भी ज्यादा से ज्यादा सवालों के उत्तर देने का प्रयास किया गया है। जनवरी में वेकेंसी निकाली गई थी और फरवरी में पेपर हो जाने के चलते ज्यादा समय नहीं मिल पाया।







बिहार के गया जिला से आए प्रकाश कुमार ने बताया कि यूपी पुलिस में वेकेंसी होने की जानकारी मिलने के बाद आवेदन किया था। इतनी दूर सेंटर लगा होने के बाद भी पेपर देने के लिए आए हैं। बिहार पुलिस की जब जब नौकरी निकली, सौ नंबर का ही पेपर होता है। समय दोनों जगह बराबर ही। हालांकि सभी प्रश्नों के उत्तर दिए हैं।







बिहार के ही सतीश बताते हैं कि वह सिपाही बनने के लिए उत्साहित हैं। लगातार तैयारी भी कर रहे हैं। यूपी पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में सबसे ज्यादा गणित और समसामयिक घटनाओं को लेकर प्रश्न पूछे गए। जबकि बिहार परीक्षा में दोनों विषयों को मिलाकर आठ से दस सवाल ही पूछे जाते हैं। फिलहाल बाकी अन्य विषयों के सवाल ठीक थे।

प्रकाश कुमार-संवाद

प्रकाश कुमार-संवाद

प्रकाश कुमार-संवाद

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