- पात्र परिवारों की सूची में अभी खामियां ही खामियां
- लक्ष्य पूरा, लॉक हो गया एनएफएसए का साफ्टवेयर
आधी-अधूरी तैयारियों के साथ खाद्य सुरक्षा अधिनियम एक मार्च से लागू तो हो गया है, लेकिन इसमें तमाम खामियां सामने आ रही हैं। खाद्य सुरक्षा के तहत पात्र परिवारों के चयन पर उंगलियां उठ रही हैं। तमाम लोग पात्र सूची से शामिल नहीं हो पाए हैं तो सूची में अपात्रों की भरमार है। लोकवाणी और जनसुविधा केंद्रों द्वारा आनलाइन आवेदन में निर्धारित प्रक्रिया न अपनाए जाने से ऑनलाइन आवेदनों पर पूर्ति विभाग विचार नहीं कर पा रहा है। ऐसे ऑनलाइन आवेदनों की संख्या जिले में डेढ़ लाख से ज्यादा है।
पात्रों की अंतिम सूची तैयार करने के बाद एक मार्च से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिया गया है। मार्च में उन पात्र परिवारों को शामिल किया गया था, जिनका चयन 14 जनवरी 2016 तक हो चुका था। अप्रैल माह से पात्रता सूची में शामिल सभी परिवारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जिन पात्रों के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं वे परेशान हाल पूर्ति विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
पूर्ति विभाग ने 28 और 29 मार्च को दावा और आपत्तियां प्राप्त करने के लिए दो दिवसीय शिविर लगाया। इस शिविर में अपात्रों के नाम शामिल होने संबंधी एक भी आपत्ति नहीं आई, जबकि 123 लोगों ने पात्रता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए आवेदन किए। खाद्य सुरक्षा के लिए निर्धारित पात्र परिवारों का लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण एनएफएसए का साफ्टवेयर लॉक हो गया है। इससे नए नाम शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा के लिए पात्र परिवारों के चयन की स्थिति
योजना पात्र परिवार जनसंख्या
खाद्य सुरक्षा 687760 2621459
अंत्योदय 109888 383019
योग 797648 3004478
शहरी क्षेत्र में पात्र परिवारों की स्थिति
कुल शहरी जनसंख्या 461035
अंत्योदय राशन कार्ड 10495
अंत्योदय कार्डों की यूनिट 39504
एनएफएसए के राशन कार्ड 65918
पात्र परिवारों की यूनिट संख्या 252501
जनसंख्या के सापेक्ष यूनिट 63.34 प्रतिशत
ग्रामीण क्षेत्र में पात्र परिवारों की स्थिति
कुल ग्रामीण जनसंख्या 3560208
अंत्योदय राशनकार्ड 99393
अंत्योदय कार्डों की यूनिट संख्या 343515
एनएफएसए के राशनकार्ड 621842
पात्र परिवारों के यूनिट की संख्या 2368958
जनसंख्या के सापेक्ष यूनिट 76.19 प्रतिशत
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों के चयन का काम पूरी सावधानी के साथ किया गया है। इसके बावजूद कुछ खामियां रह गई हैं। उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। राशनकार्डों के डेटा को शुद्ध करना पूर्ति विभाग की प्राथमिकता है।
- डॉ. राकेश तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी