लखीमपुर खीरी। शहर के ज्यादातर व्यावसायिक भवनों में पार्किंग नहीं हैं। इसे कागजों में दर्शाकर नक्शा पास कर केवल निर्माण करा लिया गया है, लेकिन जिम्मेदारों के पास इसे देखने का समय नहीं है। यहां आने वाले लोग सड़क के किनारों को मजबूरी में इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में रास्ते संकरे होने से जाम लग रहा है।
शॉपिंग मॉल, निजी अस्पताल, पैथोलॉजी, होटल और रेस्टोरेंट के बाहर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। शहरवासियों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन इस समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन हैं। शहर का हाल जानने के बाद भी जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जब भी ट्रैफिक पुलिस से इस बारे में सवाल किया जाता है, तो स्टाफ की कमी का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।
लोगों ने प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि शहर की मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाकर और पार्किंग व्यवस्था बनाकर यातायात को सुचारु किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इनके पास नहीं है पार्किंग...
शहर के कई व्यस्त स्थानों पर पार्किंग की कमी के कारण सड़कों पर जाम लग रहा है। जंगलीनाथ मंदिर के सामने स्थित अस्पताल के पास पार्किंग की सुविधा न होने के कारण वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है। जीआईसी के सामने पैथोलॉजी के पास भी पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण सभी वाहन सड़क पर ही खड़े रहते हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। अस्पताल रोड स्थित एक होटल जहां नीचे मार्केट और ऊपर होटल है, वहां भी वाहन सड़क किनारे जमा रहते हैं क्योंकि होटल में पार्किंग की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। बस स्टेशन रोड स्थित मॉल में हालांकि पार्किंग है, फिर भी अधिकांश वाहन सड़क पर ही नजर आते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती रहती है।
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होटल, मॉल, अस्पताल आदि के संचालकों को कई बार नोटिस दिया गया है। सड़क पर वाहन खड़े करने वालों के चालान भी किए जाते हैं। ऐसे वाहनों को अभियान चलाकर हटवाए भी जाएंगे और नगर पालिका से वार्ता कर उनसे भी सभी को नोटिस भिजवाया जाएगा।
- सचिन कुमार, यातायात प्रभारी
जंगलीनाथ मंदिर के सामने नवजीवन नर्सिंग होम के बाहर नो पार्किंग में खड़े वाहन। संवाद- फोटो : सांकेतिक
जंगलीनाथ मंदिर के सामने नवजीवन नर्सिंग होम के बाहर नो पार्किंग में खड़े वाहन। संवाद- फोटो : सांकेतिक
जंगलीनाथ मंदिर के सामने नवजीवन नर्सिंग होम के बाहर नो पार्किंग में खड़े वाहन। संवाद- फोटो : सांकेतिक