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बर्ड फ्लू से दहशत: पक्षियों को छूने के बाद हाथ करें सैनिटाइज

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लखीमपुर खीरी। बर्ड फ्लू का खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि पक्षियों की मौत के मामले आए-दिन सामने आ रहे हैं। वहीं बरेली भेजे जा चुके 210 सैंपल में से अब तक एक भी रिपोर्ट नहीं आई है, जबकि भोपाल की लैब में भेजे गए कौओ की जांच रिपोर्ट बुधवार को आने की संभावना है।
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पड़ोसी जनपद पीलीभीत में पक्षियों में बर्ड फ्लू पाए जाने की पुष्टि होने के बाद यहां भी बर्ड फ्लू के पहुंचने की संभावना ज्यादा बनी है, क्योंकि कौओं की अचानक मौत इसी बात की ओर इशारा कर रही है। हालांकि इसकी पुष्टि भोपाल से लैब रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। तब तक तहसील स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीमें सर्वे कार्य में लगाई गई हैं। वहीं अंडा-मुर्गा के इधर-उधर ले जाए जाने पर रोक हटा ली गई है।
मंगलवार को तहसील सभागार में बर्ड फ्लू नियंत्रण को लेकर पशुपालन विभाग एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में रोग-प्रकोप पर चर्चा हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. टीके तिवारी ने कहा कि किसी तरह के पक्षियों को छूने के बाद एंटीसेप्टिक या सैनिटाइजर से हाथ साफ करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि अभी जनपद में बर्ड फ्लू का एक भी केस मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। खासकर पालतू पक्षियों में अभी कोई संदिग्ध मामला नहीं मिला है, लेकिन कौओं की मौत के पीछे बर्ड फ्लू मिलने की संभावना ज्यादा है। लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न विभागों को दायित्व सौंपे गए हैं। उधर, शासन ने प्रदेश में बर्ड फ्लू की स्थिति नियंत्रण में होने के कारण आसपास के जनपदों से अंडा-मुर्गा आदि के परिवहन पर रोक हटा ली है। प्रशासन द्वारा कुक्कुट उद्यमियों को व्यापार सुगमतापूर्वक करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पशुपालन और वन विभाग द्वारा प्रतिदिन कुक्कुट पक्षियों के पालने के स्थान पोल्ट्री फार्म के आसपास और प्रवासी पक्षियों के आवागमन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। निजी/ घरेलू मुर्गा पालने वाले और व्यावसायिक बड़े अंडा उत्पादन करने वाले पोल्ट्री फार्म मालिकों को कड़ी जैव सुरक्षा अपनाने, साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सदर विधायक योगेश वर्मा, श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी, डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ अरविंद सिंह मौजूद रहे।
नंगे हाथों से न छुएं मृत पक्षी
डॉ. टीके तिवारी ने कहा है कि मुर्गी पालकों, विक्रेताओं, अंडा विक्रेताओं, होटल व्यवसाई और इनके परिवहन से जुड़े लोगों को सलाह दी जाती है कि कहीं भी मृत पक्षी को नंगे हाथों से न छुएं। दस्ताना पहनकर ही पक्षी को दफन करें। बायो सुरक्षा अपनाने, मृत पक्षी को दफन करने के बाद चूना, फिनाइल आदि से विसंक्रमित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पक्षियों से मनुष्यों में संक्रमण की संभावना कम
प्रयोगशाला प्रभारी डॉ. राजेंद्र कुमार ने बर्ड फ्लू के इतिहास और फैलने के तरीके आदि पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में पक्षियों से मनुष्यों में संक्रमण की संभावना कम होती है। इसलिए लोगों को बर्ड फ्लू से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी रखकर आसानी से बचाव किया जा सकता है।
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