राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में तकनीकी एवं प्रशासनिक सहायता के लिए पंचायत सहायकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए शासन ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए चयन के निर्देश दिए हैं। डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी सर्विस प्रोवाइडर का चयन करेगी।
बता दें कि पिछले वर्ष ग्राम पंचायत अधिकारियों के चयन को आवेदन फार्म भरवाए गए थे, लेकिन इस भर्ती प्रक्रिया को बीच में ही स्थगित कर दिया गया। जबकि ग्राम पंचायत अधिकारियों की भारी कमी के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अब सरकार ने बैक डोर से पंचायत सहायकों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। जनपद में 156 ग्राम पंचायत अधिकारियों के पद सृजित हैं, जिनके सापेक्ष 88 पद रिक्त हैं। इसी तरह ग्राम विकास अधिकारी के स्वीकृत 155 पदों के सापेक्ष 69 पद रिक्त हैं। इस प्रकार दोनों संवर्गों के 157 रिक्त पदों के सापेक्ष पंचायत सहायकों की भर्ती की जाएगी। हालांकि शासन ने तीन से चार ग्राम पंचायतों क्लस्टर पर एक पंचायत सहायक रखने के निर्देश दिए गए हैं। लिहाजा इस अनुपात में भर्ती की गई तो संख्या बढ़कर 291 तक पहुंच सकती है, क्योंकि जनपद में 1167 ग्राम पंचायतें हैं। गौरतलब है कि प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों के लिए 16,432 पंचायत सहायकों की सेवाएं लेने का शासनादेश जारी किया है।
मुख्य विकास अधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि चयन समिति द्वारा आउटसोर्सिंग
एजेंसी के चयन के लिए विज्ञापन प्रक्रिया शीघ्र ही कराई जाएगी। शासनादेश
की शर्तों के मुताबिक आउटसोर्सिंग एजेंसी का चयन किया जाएगा, जिसके उपरांत
पंचायत सहायकों का चयन योग्यतानुसार कराया जाएगा।
यह होंगे पंचायत सहायक के दायित्व
ग्राम पंचायत के अभिलेखों के रखरखाव में ग्राम पंचायत सचिव की सहायता
पंचायत के नियामक कार्यों के निष्पादन में ग्राम पंचायत सचिव की सहायता
नियोजन, कार्यान्वयन और ग्राम पंचायतों की योजना की रिपोर्टिंग में सहायता
परियोजनाओं, कार्य और योजनाओं का ब्यौरा एवं रिकार्ड बनाए रखने में सहायता
निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत सचिव की सहायता
ग्राम सभा, ग्राम पंचायत की बैठक कराने में सहायता
ग्राम पंचायतों की संपत्तियों के रख रखाव में सहायता
डीपीआरओ द्वारा समय-समय पर सौंपे गए कार्य एवं पदीय दायित्व।
स्थानीय व्यक्ति को मिलेगी वरीयता
डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने बताया कि पंचायत सहायकों के चयन में आरक्षण के नियमों का पालन किया जाएगा। चयन में यथासंभव स्थानीय व्यक्ति को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। ग्राम पंचायत सचिव क्षेत्रों में आवंटित करने का कार्य डीपीआरओ द्वारा किया जाएगा।