विधायक के वायरल लेटर पैड पर फोटो अलग और नाम अलग, फर्जी वोट डलवाने का लगा आरोप
ग्राम पंचायत बेती सहदेव का मामला, राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई शिकायत
लखीमपुर खीरी। धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी का अपने लेटर पैड पर चार अगस्त को हुए उपचुनाव के दौरान बेती सहदेव की एक महिला का निवास प्रमाण पत्र बनाने का पत्र वायरल हुआ है, जिसमें उन पर अवैध तरीके से चुनाव में धांधली के आरोप लगे हैं। चुनाव में विपक्षी परिवार ने विधायक पर नियम विरुद्ध निवास प्रमाण पत्र बनाकर फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजी है। उधर, मामले में विधायक ने अपने लेटर पैड की पुष्टि करते हुए कहा कि कई लोग उनके पास आते हैं और जन प्रतिनिधि होने के नाते उन्हें ऐसा करना पड़ता है।
ईसानगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेती सहदेव में 4 अगस्त को उपचुनाव हुआ था, जिसमें प्रज्ञा तिवारी ने जीत हासिल की है। दूसरी तरफ से बृजेंद्र प्रताप सिंह चुनाव मैदान में थे। बृजेंद्र प्रताप सिंह का आरोप है कि विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने अपनी राजनीतिक सत्ता का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाया और फर्जी वोटिंग करवाई। इस बीच विधायक का वह लेटर पैड भी सामने आया, जिसमें उन्होंने गांव की ही अनीता पत्नी सचिन को जानने की बात कहते हुए निवास प्रमाण पत्र बना दिया। विपक्षी बृजेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि विधायक ने अनीता का निवास प्रमाण पत्र बनाया है, लेकिन उसमें फोटो अनीता की दूर की बहन का लगा है। इस तरीके से फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव में फर्जी वोटिंग करवाई गई है। बृजेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि वह इस मामले में अदालत में वाद दाखिल करेंगे। उधर, विधायक ने इन आरोपों को खारिज किया है।
शिकायतकर्ता ने की निर्वाचन रद्द करने की मांग
लखीमपुर खीरी। ईसानगर ब्लॉक के बेती सहदेव ग्राम पंचायत में उपचुनाव में धांधली की राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश को भेजी गई शिकायत में बृजेंद्र प्रताप सिंह के परिवार से ज्योत्सना सिंह ने लिखा कि विधानसभा 141 के ब्लॉक ईसानगर में 4 अगस्त को उपचुनाव संपन्न हुआ था। इसमें विधायक ने अवैध निवास प्रमाण पत्र बनवाकर फर्जी वोटिंग करवाई गई। कहा कि मृतकों और जेल में बंद व्यक्तियों के भी फर्जी वोट डलवाए गए। उक्त फोटो में जो महिला है वह अलग है, जिसके साक्ष्य भी मौजूद हैं। दूसरी महिला का फोटो लगवाकर फर्जी वोटिंग करवाई गई, जिसमें निर्वाचन अधिकारियों की लापरवाही रही और सत्ता का गलत इस्तेमाल हुआ। मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई के साथ निर्वाचन को रद्द करने की मांग की गई।
निवास प्रमाण पत्र बनाने का एसडीएम के पास है अधिकार
लखीमपुर खीरी। संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप आधिकारिक रूप से एसडीएम को निवास प्रमाण, जबकि तहसीलदार को आय प्रमाण पत्र बनाने का अधिकार है। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि विधायक के बनाए गए निवास प्रमाण पत्र को पोलिंग के लिए मान्य नहीं किया गया है। पोलिंग बूथ पर संबंधित को वोट नहीं डालने दिया गया और वहां से उसे लौटा दिया गया।
एक जनप्रतिनिधि होने के नाते तमाम लोग अपने काम लेकर आते हैं। तात्कालिक रूप से उन्हें कई काम करने पड़ते हैं। हम संबंधित को जानते थे इसलिए लिख दिया गया। बाकि लगाए गए अन्य आरोप निराधार हैं।
- विनोद शंकर अवस्थी, विधायक धौरहरा