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पलिया नगर पालिका में वित्तीय संकट

Sat, 04 Jul 2015 07:27 PM IST
पलियाकलां
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नगर पालिका पलिया इनदिनों वित्तीय संकट से जूझ रही है। यह हालात लगातार बोर्ड की तीसरी बैठक के कोरम के अभाव में स्थगित होने के कारण पैदा हुए हैं। बैठक में 30 पालिका सदस्यों में महज सात ही मौजूद रहे। जबकि शेष सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए परिसर में ही नारेबाजी और प्रदर्शन किया। सदस्यों ने ईओ को पत्र देकर पालिकाध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए। पत्र की कॉपी डीएम को भी भेजी गई है।
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शनिवार को पालिका बोर्ड की बैठक पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता की अध्यक्षता में शुरू हुई तो तकरीबन सभी पालिका सदस्य पहुंचे। यहां बैठक में 30 में से सात सदस्य ही रह गए और शेष ने उपस्थिति दर्ज करा कर बहिष्कार कर दिया। बाद में सभी सभागार से बाहर निकल आए और जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। उन्होंने ईओ को संबोधित एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि वे जो भी मुद्दे उठाते हैं उन्हें अनदेखा कर कार्र्यवाही में शामिल नहीं किया जाता है। आरोप है कि अध्यक्ष द्वारा जो बोर्ड में जो कार्यवाही की जाती है उसमें बाद में छेड़छाड़ की जाती है और मनमर्जी के प्रस्ताव लिख दिए जाते हैं। उनके मुताबिक बोर्ड की बैठकों में लगातार ऐसा देखा गया है। कार्यवाही बैठक में जो प्रस्ताव नहीं थे वह बाद में शामिल दिखाई दिए। वार्डों में किए जाने वाले विकास कार्यों में भेदभाव किया जाता है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि पालिका सदस्यों में मतभेद पैदा कर उन्हें आपस में लड़ाया जाता है और आपसी भाईचारे को बिगाड़ा जाता है। कहा गया है कि जब तक पालिकाध्यक्ष डीएम को इसकी पुनरावृत्ति न होने का शपथपत्र देकर आश्वस्त नहीं करते हैं, तब तक सदस्यगण बोर्ड बैठक की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे। पत्र की प्रतिलिपि डीएम को भेजी गई गई है।
ईओ, नगर पालिका पलिया नीलम चौधरी ने बताया कि सात सदस्य ही बचे थे शेष ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। नियमानुसार कोरम पूरा न होने पर बैठक स्थगित हो गई। उन्होंने नियमानुसार ही कार्यवाही की और तभी वहां से आईं। कोई भी कार्य नियमों और शासनादेशों के विपरीत नहीं किया गया है।
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हंगामेदार रही बोर्ड की बैठक
पालिका बोर्ड की बैठक काफी हंगामेदार रही और असंतुष्ट पालिका सदस्यों ने अपनी अपनी बात को लेकर हंगामा किया। उन्होंने तमाम सवाल उठाए।
बोर्ड बैठक की वीडियोग्राफी भी कराई
पालिका बोर्ड की बैठक इस बार कैमरे में कैद की गई है। बैठक शुरू होते ही कैमरा मैन ने सारी गतिविधियों को कैमरे में कैद किया। बता दें कि इससे पूर्व डीएम ने बैठक की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए थे। नगर पालिका के पत्र से कोरम न पूरा होने पर बैठक समाप्ति की पुष्टि की गई। नगर पालिका परिषद से जारी पत्र में कहा गया है कि 10.30 बजे बैठक शुरू हुई, जिसमें एक पालिका सदस्य ने गत बैठक की पुष्टि पर विचार प्रस्ताव प्रस्तुत किया। आय-व्यय वर्ष 2015-16 स्वीकृति पर विचार में कहा गया है कि  नगर पालिका द्वारा तीन बैठकों में बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर कुछ बोर्ड सदस्यों ने बिना उचित कारण बताए व्यवधान डाला और बजट स्वीकृत नहीं किया। इस संबंध में प्रस्ताव किया गया कि तीनों बैठक की कार्यवाही शासन को यथा स्थिति प्रेषित की जाए एवं बजट की स्वीकृति शासन स्तर से प्राप्त कर नगर के रुके कार्यों को कराया जाए। कहा गया है कि कार्यवाही लिखने पर चर्चा होते ही उपस्थिति रजिस्टर के मुताबिक उपस्थित 32 में से मात्र सात सदस्य शेष रह गए। जिससे कोरम पूरा न होने के कारण बैठक कार्यवाही नहीं लिखी जा सकती और इसके बाद बैठक समाप्त कर दी गई।
पालिका अध्यक्ष ने भेजा प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र
पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता ने प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने कहा है कि बोर्ड की बैठक उनकी अध्यक्षता में प्रस्तावित थी, जिसमें सभी सदस्यगण नियत समय और तिथि पर उपस्थित हुए। बैठक में विकास संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार आवश्यक था यह बजट की तीसरी बैठक थी। पूर्व में दो बार कुछ सदस्यों द्वारा बैठक का बहिष्कार कर दिया गया था। आम सहमति से इस बार बैठक प्रस्तावित थी। कई पालिका सदस्यों ने अपने प्रस्तावों को बैठक में रखना चाहा। आरोप लगाया गया है कि ईओ कार्रवाई रजिस्टर लेकर बाहर चली गईं। प्रस्ताव लिखने के लिए उन्होंने भी ईओ को निर्देशित किया, लेकिन उन्होंने निर्देशों की अवहेलना की। पत्र में कहा गया है कि ईओ नगर विकास को बाधित करने का प्रयास कर रहीं हैं और यह जारी रहा तो नगर का विकास संभव नहीं है।
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