पलियाकलां। पलिया-भीरा मार्ग पर बसों का संचालन बृहस्पतिवार को भी शुरू नहीं हो सका है। बाइक, कार और अन्य छोटे वाहन इस मार्ग पर दौड़ते रहे। इन वाहनों का संचालन एक तरफ की सड़क से किया गया। बसें न चलने से पलिया आने और जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पलिया-भीरा मार्ग पर बृहस्पतिवार को अतरिया के आगे स्थित पुलिया से करीब सौ मीटर की दूरी से शारदा का पानी अभी सड़क क्रॉस कर बह रहा है। हालांकि पानी का बहाव कम है। दो व चार पहिया वाहन करीब आधा किलोमीटर सड़क पर बह रहे पानी से होकर पलिया-भीरा मार्ग पर आवाजाही कर रहे हैं। पुलिया पर भी कार्य हुआ है, लेकिन केवल एक तरफ से वाहन निकल रहे हैं।
अतरिया क्रॉसिंग के आगे मोड़ पर क्षतिग्रस्त सड़क के किनारे भी मिट्टी डाली गई है। जहां-जहां सड़क क्षतिग्रस्त है, एनएचआई ने उसकी मरम्मत का कार्य शुरू किया है। उधर, अतरिया में सड़क किनारे पड़ने वाले घरों में अभी पानी होने के चलते इस तरफ के ग्रामीण सड़क पर अपने घरों का सामान ट्रॉलियों में डालकर रह रहे हैं।
-
पुलिया की हुई मरम्मत, एक तरफ से हो रहा आवागमन
- पहले 20 दिन, अब हफ्ता भर से सड़क पर रह रहे ग्रामीण
- आजादनगर, बर्बादनगर के ग्रामीण भी रेललाइन के पास हैं टिके
पलियाकलां। जुलाई में आई बाढ़ के बाद श्रीनगर गांव में पानी भर जाने से ग्रामीणों ने करीब 20 दिन तक शारदा नदी के सड़क पुल के पास सड़क किनारे तिरपाल गुजारा किया। बाढ़ का पानी निकलने के बाद ग्रामीण वापस घरों को पहुंचे। तभी दोबारा बाढ़ आ गई। करीब एक हफ्ते से ग्रामीण फिर सड़क किनारे ही अपना आशियाना बनाए हुए हैं।
हर साल आने वाली बाढ़ के चलते श्रीनगर गांव के ग्रामीणों को अपना घर छोड़ना पड़ता है। उनके घर पानी में डूब जाते हैं और कच्चे छप्परनुमा घर होने के कारण वह ऊंचे स्थान की तलाश करते हुए शारदा नदी सड़क पुल के पास आकर रहने लगते हैं। इस बार भी कई दिनों से वह यहां रह रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की तरफ से भोजन पैकेट आदि दिए गए हैं, लेकिन घरों में अभी कीचड़ व कुछ पानी होने के चलते वह यहां रह रहे हैं।
पानी उतरने के बाद वह दोबारा से घर लौट जाएंगे। ऐसे ही पुल के पास रेललाइन की तरफ भी आजादनगर, बर्बादनगर गांव के ग्रामीण रुके हैं। यह दो ऐसे गांव हैं, जो नदी के बिल्कुल किनारे हैं। हल्का जलस्तर बढ़ने के बाद इन गांवों में पानी भर जाता है।
पलिया-भीरा मार्ग पर अतरिया के आगे पुलिया से गुजरते वाहन। संवाद