यह भी एक अजब संयोग है कि जिस मिट्टी में जन्में अपनी मौत से ठीक पहले वहीं पहुंच गए। लखनऊ के होटल में हुई पाकिस्तानी नागरिक सैयद अहसान अकरम (80) का शव परिवार वाले शुक्रवार को शहर के मोहल्ला नई बस्ती में ले आए और गोटैय्याबाग के कब्रिस्तान में दफना दिया।
पुलिस के मुताबिक सैयद अहसान अकरम का जन्म 17 अक्तूबर 1934 को थाना मैगलगंज क्षेत्र के उनके पैतृक गांव औरंगाबाद में हुआ था। देश के बंटवारे के बाद वह अपने पिता सैय्यद सज्जाद हुसैन, तीन भाईयों रिजवान, जीशान और इमरान के अलावा दो बहनों मलका नासिम और सुफिया सहनाज को छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे। पाकिस्तान में वह करांची में अपने परिवार के साथ रहने लगे। सैयद अहसान अकरम वहां हाईकोर्ट में वकील थे। इधर उनके भाई शहर के मोहल्ला नई बस्ती में आकर बस गए। उनके भांजे रिजवान और इलियास ने बताया कि पाकिस्तान से वह 15 अप्रैल तक के बीजा पर 10 मार्च को लखनऊ आए थे। जहां एक होटल में सीढ़ियों से फिसलने पर उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद शुक्रवार की देर रात उनका शव को यहां लाकर शहर के गोटैय्याबाग मोहल्ला स्थित कब्रिस्तान में दफना दिया।
एलआईयू ने मांगी रिपोर्ट
पाकिस्तानी नागरिक सैयद अहसान अकरम की आकस्मिक मृत्यु की सूचना मिलने पर एलआईयू ने उनके रिश्तेदारों से संपर्क साधा और उन्हें दफनाने के फोटोग्राफ, नगर पालिका का मृत्यु प्रमाण पत्र समेत जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।