राशनकार्ड नवीनीकरण को दो साल से चल रही कवायद अब तक पूरी नहीं हो पाई है।
अब तक जिले में सिर्फ 43.33 फीसदी एपीएल राशनकार्ड ही जारी होने की स्थिति
में आ पाए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के एंड टू एंड कंप्यूटराइजेशन में धौरहरा
ब्लाक सबसे फिसड्डी साबित हुआ है जबकि मोहम्मदी 88.61 फीसदी काम पूरा करके
पहले स्थान पर है। उधर शहरी क्षेत्र में सिंगाही कस्बा पहले स्थान पर और
पलिया सबसे निचले पायदान पर है।
पुराने राशनकार्डों को बदल कर उनके
स्थान पर नए राशनकार्ड जारी करने के लिए पिछले दो साल से एंड टू एंड
कंप्यूटराइजेशन की प्रक्रिया चल रही है। इसमें बीपीएल राशनकार्डों के डेटा
फीडिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। एपीएल राशनकार्डों का काम अब तक पूरा
होने के करीब नहीं पहुंच पाया है। अब तक सिर्फ 43.33 फीसदी राशनकार्ड ही
प्रिंट होने की स्थिति में पहुंच सके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति
काफी खराब है।
ग्रामीण क्षेत्रों में धौरहरा ब्लाक महज 10.58 प्रगति
के साथ सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। जबकि मोहम्मदी ब्लाक 88.61 फीसदी प्रगति
के साथ सबसे आगे है। ग्रामीण क्षेत्र की प्रगति सिर्फ 39.07 प्रतिशत तक
ही पहुंच पाई है। जिले के 15 में से चार ब्लाक ऐसे हैं जिनकी प्रगति 20
फीसदी से भी कम है।
शहरी क्षेत्र की प्रगति 62.25 फीसदी है। इसमें
मोहम्मदी नगरीय क्षेत्र 100.75 फीसदी काम पूरा करके पहले स्थान पर है जबकि
47.88 प्रतिशत प्रगति के साथ पलिया सबसे पीछे है। दो नगरीय क्षेत्र ऐसे हैं
जहां प्रगति 50 फीसदी से भी कम है। इसमें लखीमपुर भी शामिल है।
अब सिर्फ 30 मई तक मौका
जिले
में अब तक 199579 राशनकार्ड ऐसे हैं जिनकी फीडिंग कंप्यूटर में हुई ही
नहीं हैं। इन राशनकार्ड धारकों को 30 मई तक मौका दिया गया है। 30 मई तक यदि
यह राशनकार्ड धारक डेटा फीडिंग नहीं कराते हैं तो राशनकार्ड बोगस मानकर
रद् कर दिया जाएगा।
फैक्ट फाइल
ग्रामीण क्षेत्र में एपीएल राशनकार्ड-470230, शहरी क्षेत्र के एपीएल कार्ड-106036,
20 फीसदी से कम प्रगति वाले ब्लाक
धौरहरा-10.58 प्रतिशत, ईसानगर-18.29 प्रतिशत, रमियाबेहड़-13.41 प्रतिशत, बेहजम-17.74 प्रतिशत
50 फीसदी से कम प्रगति वाले नगरीय क्षेत्र
पलिया-47.88 प्रतिशत, लखीमपुर-48.50 प्रतिशत