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क्रय केंद्रों पर धान की तौल न होने से किसान परेशान

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धानक्रय केंद्र पर किसानों और पुलिस कर्मियों में होती बातचीत। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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निघासन (लखीमपुर खीरी)। कई क्रय केंद्रों पर धान की तौल न होने से किसान परेशान हैं। बेलापरसुआ, बुद्धापुरवा और रामपुर क्रय केंद्र पर एक भी ट्रॉली नहीं तौली गई है। किसानों का आरोप है कि यदि कोई किसान शिकायत करता है तो उस पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। इस मामले में अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
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कस्बा निवासी जसपाल सिंह पल्ला का आरोप है कि तहसील मुख्यालय पर क्रय केंद्र खोलने के बजाए गांवों में क्रय केंद्र खोले गए हैं। वहां पर जब किसान धान की तौल कराने की बात करता है तो क्रय केंद्र प्रभारी टाल मटोल कर देता है। रामपुर और बुद्धापुरवा क्रय केंद्रों की शिकायत किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से की थी। एक सप्ताह के बाद भी कोई कार्रवाई तो दूर अधिकारी क्रय केंद्र पर झांकने तक नहीं गए।
मंडी समिति तिकुनियां (समय 11 बजे)
किसान साहब सिंह, अंग्रेज सिंह, सत्यप्रकाश, किशन महावर आदि टोकन लेकर क्रय केंद्र पर खड़े थे। किसानों का आरोप है कि एक सप्ताह पहले टोकन दिया गया था। साथ में यह भी कहा गया था कि धान जब खरीदा जाएगा तभी क्रय केंद्र पर ट्रॉली लेकर आना। क्रय केंद्र पर भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है। धान से भरी ट्रॉली खड़ी है, लेकिन उसकी तौल नहीं हो सकी है।
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क्रय केंद्र रामपुर (समय 12 बजे)
यहां पर धान की खरीद नहीं हो रही थी। खानापूर्ति के लिए वहां पर बैनर लगाकर एक युवक को बैठा दिया गया था। अब तक न तो यहां पर किसी को टोकन दिया गया है और न यहां पर किसी प्रकार की धान की खरीद हुई है। आरोप है कि सचिव की राजनीतिक पहुंच के चलते केंद्र प्रभारी मनमानी कर रहे हैं।
क्रय केंद्र बुद्धापुरवा (समय- 1:10 बजे)
धानक्रय केंद्र बुद्धापुरवा में बनाने के बजाए यह क्रय कें द्र गंगाबहेड़ में बनाया गया है। प्रधान रामकुमार आदि ने बताया कि यह केंद्र करीब एक सप्ताह पहले चालू हुआ था। किसान जब धान लेकर जाते हैं तो बारदाना न होने का बहाना बताकर वहां से चलता कर दिया जाता है।
धान खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए टोकन सुविधा चालू की गई है। टोकन सुविधा के बाद भी यदि कोई दिक्कत आ रही है तो मामले की जांच की जाएगी। रामपुर और बुद्धापुरवा क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-ओपी गुप्ता, एसडीएम निघासन
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क्रय केंद्र पर किसानों का हंगामा, घपलेबाजी का आरोप
तिकुनियां। मंडी समिति स्थित धान क्रय केंद्र पर घपलेबाजी को लेकर किसानों ने जमकर हंगामा किया। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी पर खरीद का दबाव बनाने के बजाए किसानों पर ही दबाव बनाया जा रहा है। यहां तक कि पुलिस भेजकर कार्रवाई करने की बात की जा रही है। आरोप है कि तीन क्रय केंद्रों के स्थान पर यहां पर महज एक ही क्रय केंद्र चल रहा है। ऑनलाइन धान की खरीद कागजों में 16 हजार क्विंटल हो चुकी है, जबकि किसानों का मात्र 5200 क्विंटल ही धान खरीदा गया है। इसी के चलते कई नाराज किसान मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लखनऊ भी रवाना हो गए हैं।
तिकुनियां के किसान साहब सिंह, किशन महावर, अंग्रेज सिंह, सत्यप्रकाश आदि का आरोप है कि उनको धान तुलवाने के लिए 10 दिन पहले टोकन दिया गया था। बाद में केंद्र प्रभारी ने क्रय केंद्र पर अधिक भीड़ होने की बात कहकर ट्रॉली लाने से मना कर दिया। कई दिनों तक धान ट्रॉली में ही पड़ा रहने से खराब हो गया। किसान जब सोमवार को धान तुलवाने के लिए केंद्र पर पहुंचे तो वहां पर बहुत अधिक भीड़ नहीं थी। किसानों ने जब धान तौल कराने की बात कही तब केंद्र प्रभारी ने मना कर दिया। किसानों ने जब ऑनलाइन खरीद देखी तो उसमें धान की खरीद तीन गुने से अधिक थी। किसानों ने बताया कि शनिवार तक धान की खरीद 5200 क्विंटल थी। रविवार को केंद्र बंद था। उसके बाद सोमवार की सुबह 16000 क्विंटल धान की खरीद कैसे हो गई। इस बात का विरोध करते हुए किसान नारेबाजी करने लगे। केंद्र प्रभारी ने एसडीएम को फोन किया। एसडीएम ने किसान साहब सिंह पर दबाव बनाते हुए बवाल करने को मना किया। इस बात को लेकर एसडीएम और साहब सिंह में कहासुनी हो गई। आरोप है कि साहब सिंह को पकड़ने के लिए एसडीएम ने पुलिस भेजी। मौके की नजाकत को समझते हुए किसान वहां से चला गया। उधर, केंद्र प्रभारी अवनीश ने बताया कि उनका भाई टिल्लू तौल कर रहा था। कुछ किसान बेवजह वहां पर हंगामा करने लगे इसलिए एसडीएम को सूचना दी गई।
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टोकन सुविधा के अनुसार धान की खरीद की जा रही है। धान खरीद में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। बेवजह कुछ लोग केंद्र प्रभारी पर दबाव बनाकर अपनी नेतागिरी चमकाना चाहते थे। मंडी परिसर में सभी केंद्र सही से चल रहे हैं। किसान गलत आरोप लगा रहे हैं।
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-ओपी गुप्ता, एसडीएम
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