लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद में आड़े आ रही दिक्कतों को दूर करने की कवायद करते हुए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बड़ी राहत देते हुए धान क्रय केंद्रों को तहसील स्तर पर राजस्व ग्रामों के संबद्धीकरण से मुक्त कर दिया है। इससे तहसील क्षेत्र के किसी भी राजस्व ग्रामों के किसान अपनी तहसील के किसी भी क्रय केंद्र पर धान बेच सकते हैं। मंडी परिसर में स्थापित क्रय केंद्रों को भी संबद्धीकरण से मुक्त कर दिया गया है, जिससे यहां पर जनपद के किसी भी राजस्व ग्राम के किसान को धान बेचने की आजादी मिल गई है। इससे क्रय केंद्र प्रभारी क्षेत्र के आधार पर किसानों के साथ भेदभाव नहीं कर सकेंगे। वहीं मंडी से बाहर खुले क्रय केद्रों पर भी तहसील क्षेत्र के किसी भी गांव के किसान किसी भी क्रय केंद्र पर धान बेच सकेंगे।
जनपद में सरकारी क्रय केंद्रों को राजस्व ग्रामों से संबद्ध किया गया था, जिससे किसानों से धान न खरीदे जाने की तमाम शिकायतें मिल रहीं थीं। खासकर मंडी में खुले क्रय केंद्रों के प्रभारी भी किसानों को अपने क्षेत्र में खुले क्रय केंद्रों पर धान बेचने की बात कहकर टरका देते थे। जबकि किसान यह भी बताता था कि क्षेत्र में खुले क्रय केंद्रों पर धान खरीद नहीं की जा रही है। ऐसी शिकायतें लगातार मिलने पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मंडी में खुले सभी एजेंसियों के क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद के किसी भी तहसील से आने वाले किसान का धान तुरंत खरीदा जाए और किसानों को किसी भी तरह परेशान न किया जाए। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि आदेश को तत्काल प्रभावी कर दिया गया है। सभी एजेंसियों के जिला प्रबंधकों और क्रय केंद्र प्रभारियों को आदेश का तत्काल कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं। संवाद