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केंद्रों पर फर्जी धान खरीद पकड़ी, होगी एफआईआर

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होलागढ़ धान क्रय केंद्र का निरीक्षण करते एसडीएम। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। भले ही सरकार धान खरीद केंद्रों पर किसानों को पूरा समर्थन मूल्य देने की बात कह रही हो, लेकिन कुछ माफिया मुख्यमंत्री की मंशा को पलीता लगाने में जुटे हैं। ऐसे ही दो मामले सामने आए हैं, जब निरीक्षण के दौरान दो केंद्रों पर फर्जी रूप से धान खरीद मिली। एसडीएम ने दोनों केंद्रों को बंद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति डीएम से की है।
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खरीद केंद्रों पर किसानों का धान न खरीद कर बिचौलियों का धान खरीदने की शिकायत एसडीएम को मिल रही थी। एसडीएम एस सुधाकरन ने शनिवार दोपहर खेसवाही और होलागढ़ कफारा धान खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जहां निरीक्षण के दौरान फर्जी धान खरीद होती मिली। एसडीएम ने बताया कि ग्राम खेशवाही में स्थित धान क्रय केंद्र पर केंद्र प्रभारी घनश्याम भारती अनुपस्थित मिले। एक अन्य व्यक्ति मौजूद मिला, जो अपने आप को सहायक बता रहा था, जो पूछताछ करने पर कोई भी प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। साथ ही उक्त केंद्र पर कितनी खरीद हुई है इस संबंध में वह कोई जानकारी नहीं दे सका। कई बार कहने पर उसने एक प्रपत्र प्रस्तुत किया, जिसमें कुल सात व्यक्तियों द्वारा धान बिक्री किया जाना दर्शाया गया था, जिसका कृषकों के समक्ष अंकित मोबाइल नंबर पर सत्यापन किया गया। क्रम संख्या चार पर दर्ज कृषक राधेश्याम ने बताया कि उन्होंने क्रयकेंद्र पर धान नहीं बेचा है, जबकि अभिलेखों में कृषक राधेश्याम के 86 क्विंटल धान विक्रय किए जाने की प्रविष्टि अंकित थी। शेष अन्य कृषकों के मोबाइल नंबर की इनकमिंग बंद मिली। एसडीएम ने बताया, इससे यह साफ हो गया कि उक्त केंद्र प्रभारी ने फर्जी रूप से धान खरीद का अभिलेखों में अंकन किया।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार जब ग्राम होलागढ़ मजरा कफारा स्थित धान क्रय केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां केंद्र था ही नहीं। केंद्र प्रभारी बनवारी लाल आंकिक के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर बताया गया कि उक्त ग्राम से दूर एक निजी प्राइवेट विद्यालय में क्रय केंद्र स्थापित है, किंतु वहां पर भी कोई मौजूद नहीं था। न ही कोई अभिलेख आदि मौजूद मिले। केंद्र प्रभारी को फोन करने के पश्चात काफी देर बाद जब वह पहुंचे तो पूछताछ करने पर उनके द्वारा मौखिक रूप से बताया गया कि उक्त केंद्र पर 95 क्विंटल धान की खरीद हुई है। खरीद के संबंध में जो अभिलेख दिए गए। उनमें धान खरीद से संबंधित कोई प्रविष्टि नहीं मिली।
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एसडीएम ने बताया, ऐसे में दोनों धान खरीद केंद्रों को अनियमितताओं और फर्जीवाड़े को देखते हुए बंद करा दिया गया है। साथ ही दोनों केंद्र प्रभारियों की विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित कराए जाने की संस्तुति सहित रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। संवाद
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