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निदेशक के जाते ही मंडी में धान बेचने के लिए भटकते दिखे किसान

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मंडी समिति केंद्र पर खड़े किसान। - फोटो : LAKHIMPUR
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गोला गोकर्णनाथ। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश के बाद भी किसानों को धान बेचने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। आलम यह है कि गुरुवार को उप्र कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जेपी सिंह ने धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर मंडी समिति की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए किसानों की समस्याएं सुनने के बाद बेसिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से लेकर खरीद में तेजी लाने, किसानों की समस्याएं दूर कराने, क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने, बंद केंद्रों पर तौल शुरू कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन उनके जाते ही शुक्रवार को व्यवस्था जस की तस दिखी। हाथों में टोकन लिए कई दिन से मंडी समिति में धान सुखा रहा किसान अपनी उपज बेचने के लिए भटकता दिखा। वहीं निर्देश के बावजूद एफसीआई के सेंटर पर दूसरे इंचार्ज की नियुक्ति नहीं हुई और न ही मंडी परिषद के धान क्रय केंद्र पर तौल शुरू हुई।
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मालूम हो कि कृषि उत्पादन मंडी समिति में विभिन्न एजेंसियों के सात धान क्रय केंद्र लगे हैं। सरकार किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने का दावा कर रही है। मंडी समिति में केंद्रों पर 1868 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य का लुभावना बैनर टंगा है। किसानों के पास टोकन भी हैं लेकिन मानक के झमेले में फंसा किसान अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर नहीं बेच पा रहा है।
एफसीआई सेंटर पर पड़ा रहा ताला
कृषि उत्पादन मंडी समिति में एफसीआई धान क्रय केंद्र इंचार्ज कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। निदेशक ने दूसरे इंचार्ज की तैनाती कराकर तौल शुरू कराने का निर्देश दिया था लेकिन दूसरे दिन भी सेंटर पर ताला बंद रहा।
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मंडी परिषद के सेंटर पर नहीं हुई तौल
निदेशक के दौरे की सूचना पर आनन फानन में कृषि उत्पादन मंडी परिषद का धान क्रय केंद्र खोला गया था। निर्देश के बावजूद क्रय केंद्र पर तौल शुरू नहीं हुई। इंचार्ज रामलखन ने बताया कि आईडी पासवर्ड नहीं मिला है। साथ ही पीएएमएस अकाउंट लिंक नहीं हुआ है। इसलिए खरीद नहीं हो पा रही है। शीघ्र ही खरीद शुरू होगी।
किसानों ने कहा
बिजुआ ब्लॉक के पिपरिया गंगा निवासी बलजीत सिंह ने बताया कि सरकार कह रही है कि किसान अपना धान कहीं भी बेच सकता है। अलीगंज क्रय केंद्र से 22 अक्तूबर को धान बेचने के लिए टोकन भी जारी हो गया। जब वह सेंटर पर जानकारी करने पहुंचा तो इंचार्ज ने अपने ब्लॉक के ही सेंटर पर धान बेचो कहकर धान खरीदने से मना कर दिया।
किसान मक्खन सिंह ने बताया कि वह एक सप्ताह पूर्व मंडी समिति में धान लेकर आए थे। 16 अक्तूबर का टोकन मिला था। इंचार्ज ने नमी अधिक होना बताकर धान खरीदने से मना कर दिया। तबसे वह मंडी समिति में ट्रॉली पलटवाकर धान सुखा रहा है। अब बताया गया कि टोकन की डेट निकल गई है।
हजरतपुर के किसान इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उसे कई दिन से मंडी समिति में अपना धान सुखा रहा है। सेंटर इंचार्ज धान में नमी बताकर धान लेने से मना कर रहे हैं। यदि ऐसा ही रहा तो धान की बिक्री करना मुश्किल होगा। किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
किसान सुखजिंदर सिंह ने बताया कि वह 14 अक्तूबर को एफसीआई सेंटर पर टोकन लेकर धान बेचने आया था। तब पता चला कि इंचार्ज कोरोना पाजिटव हैं। तबसे ट्रालियां सेंटर के सामने खड़ी हैं। टोकन की डेट भी निकल गई है। दूसरे इंचार्ज की तैनाती भी नहीं हुई। किसानों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।
मंडी समिति के धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर खरीद में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। धान खरीद में यदि किसी केंद्र इंचार्ज ने ढिलाई बरती तो कार्रवाई की जाएगी। एफसीआई सेंटर पर शीघ्र ही दूसरे इंचार्ज की नियुक्ति कराकर तौल शुरू कराई जाएगी।
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-अखिलेश यादव एसडीएम गोला
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