इलाके में दौड़ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर शिकंजा कसने के लिए नगर व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मंडल ने लखनऊ आरटीओ से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें बताया कि ट्रक आदि में टैक्स होने के कारण कृषि कार्य में इस्तेमाल की जाने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। चार से पांच सौ क्विंटल गन्ना लाकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। आरटीओ ने इस पर रोक लगाने का आश्वासन दिया है।
आरटीओ प्रशासन संजय झा से मिले प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा और बताया कि पलिया क्षेत्र में अब ट्रांसपोर्टरों ने टैक्स बचाने के लिए अब गन्ना क्रय केंद्रों में मानक विहीन ट्राले बनवाकर लगाए हैं जो करीब 4 से 5 सौ क्विंटल गन्ना लादते हैं। यह ओवरलोड ट्रॉलियां सड़क पर चलकर हादसों को अंजाम दे रही हैं। इनके पलटने की घटनाओं में दिन पर दिन इजाफा हो रहा है और इसमें अभी तक इलाके में दर्जनों मौते हो चुकी हैं। इसके अलावा दर्जनों लोग बुरी तरह जख्मी हो चुके हैं, स्थानीय प्रशासन इन पर रोक लगाने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। व्यापारियों ने कुछ हादसों का ब्यौरा भी उन्हें दिया। व्यापारियों ने कहा कि इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के संचालक जहां राजस्व को बड़ा चूना लगा रहे हैं वहीं इलाके के लोगों के लिए मुसीबत भी बने हुए हैं। व्यापार मंडल प्रतिनिधि मंडल के मुताबिक संजय झा ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस पर मिल और ठेकदारों और ऐसे वाहनों के मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में अनूप मिश्रा, अमर गुप्ता, चांद कुमार जैन, अनिल वर्मा, राजेश अग्रवाल आदि शामिल रहे।