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Lakhimpur Kheri News: सवा साल में बनना था ओवरब्रिज... तीन साल में भी अधूरा

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फरधान। कस्बे में रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण तीन साल बाद भी अधूरा है। निर्माण कंपनी की मनमानी के आगे राहगीर परेशान हो रहे हैं। आए दिन सड़क पर जाम लग रहा है। अफसर मौके का निरीक्षण करने जाते जरूर हैं लेकिन खानापूर्ति कर चले जाते हैं।
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फरधान कस्बे में पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग पर 70 करोड़ से अधिक की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण फरवरी 2021 में शुरू हुआ था। मई 2022 तक पूरा होना था लेकिन शुरू में कोरोना की दूसरी लहर की वजह से आधे दिन लॉकडाउन रहता था। जिस वजह से कार्य में रुकावट रही। लॉकडाउन खत्म हुए दो साल से ज्यादा समय हो गया लेकिन पुल निर्माण कार्य की रफ्तार नहीं बढ़ी।
नहर पुल से कस्बे की नितिन तिवारी की दुकान तक 1350 मीटर ओवरब्रिज बनना था। फरवरी 2024 में तीन वर्ष पूरे हो गए फिर भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।


पुल के साथ-साथ एप्रोच पथ का निर्माण कार्य भी अधूरा
ओवरब्रिज का निर्माण करने वाली विजय कंस्ट्रक्शन कंपनी की अनदेखी का आलम यह है कि ओवरब्रिज के ऊपरी भाग में काम बाकी है। वहीं उसके नीचे दोनों तरफ एप्रोच पथ का कार्य भी अधूरा है। पुल के उत्तर तरफ कृष्णा कॉम्प्लेक्स की तरफ से पहले एप्रोच पथ बनाने का कार्य शुरू हुआ लेकिन वह भी कुछ दिनों से रुका है। एप्रोच पथ के बगल से आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाली सड़क संकरी रहने से जाम की समस्या हमेशा बनी रहती है। इसका सबसे अधिक खामियाजा सीएचसी फरधान में जाने वाले मरीजों को भी भुगतना पड़ता है।
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क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन मानी जाती है यह सड़क

कस्बे के व्यापारी पुनीत तिवारी, विजय वर्मा, शिव पूजन गुप्ता, अनिल तिवारी का कहना है कि ओवरब्रिज बनने में देरी की वजह से काफी दिक्कतें हो रही हैं। निर्माण कार्य में धीमी गति से होने से सड़क पर आए दिन जाम लगा रहता है। जिससे ग्राहक भी दुकानों पर कम आते हैं। अंकित ने बताया कि आज ही लेबर सड़क पर ट्रॉली खड़ी कर सरिया देर तक उतारते रहे, जिसको लेकर जाम लग गया। गोला से लखीमपुर तक रोडवेज के यात्री परेशान हो गए। यात्रियों और लेबरों में नोकझोंक भी हुई। इसके बाद ट्रैक्टर ट्रॉली हटाई गई, तब जाकर जाम खुली। कस्बे में अस्पताल, साधन सहकारी समिति, रेलवे स्टेशन, थाना एक इंटर कॉलेज समेत अन्य जगह को जाने वाले कर्मचारी व छात्र जाम में फंसकर लेट हो जाते हैं।


खतरे के बीच निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे से गुजर रहे राहगीर
ओवरब्रिज निर्माण में कार्य कर सभी मजदूर बिना हेलमेट और सुरक्षा जैकेट के काम कर रहे हैं। वहीं सरियों से भरी ट्राली सड़क पर खड़े कर भारी भरकम सरिया को बिना सुरक्षा के लापरवाही के चलते उतारते हैं। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। कोई सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से राहगीर जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते रहते हैं।
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