लखीमपुर खीरी। खीरी और धौरहरा लोकसभा सीट पर बसपा अब तक जीत का स्वाद नहीं चख पाई है। पांच बार बसपा के उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे, लेकिन जीत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए।
बात करें धौरहरा सीट की तो यहां अब तक केवल तीन ही चुनाव हुए हैं। तीनों चुनाव में बसपा का प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहा। 2019 के चुनाव में बसपा को 33 प्रतिशत वोट मिले थे। इस चुनाव में अभी तक दोनों सीट से बसपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, खीरी सीट पर चुनाव 1957 से हो रहे हैं लेकिन बहुजन समाज पार्टी ने इस सीट पर 1989 में पहली बार अपना प्रत्याशी उतारा था। बसपा के टिकट पर मातादीन ने चुनाव लड़ा और 2.4 प्रतिशत यानी 10836 वोट पाकर छठे स्थान पर रहे। 1991 के चुनाव में बसपा से किसी प्रत्याशी ने चुनाव नहीं लड़ा था। वहीं, 2019 में खीरी सीट से बसपा का उम्मीदवार मैदान में नहीं था।
खीरी सीट
2004 में दाउद अहमद 30 प्रतिशत यानी 212842 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे।
2009 में इलियास आजमी 24.9 प्रतिशत यानी 176205 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे।
2014 में अरविंद गिरी 26.7 प्रतिशत यानी 288304 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे।
धौरहरा सीट
2009 में राजेश कुमार सिंह 27.2 प्रतिशत यानी 206882 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे।
2014 में दाउद अहमद 22 प्रतिशत यानी 234682 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे।
2019 में अरशद इलियास सिद्दीकी 33 प्रतिशत यानी 352294 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे।