सिकंदराबाद। नीमगांव क्षेत्र के सिकंदराबाद में मेडिकल व्यापारी के घर और दुकान से हुई लाखों की लूट की घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है। शनिवार देर रात नकाबपोश सशस्त्र बदमाशों ने मेडिकल स्टोर में घुसकर व्यापारी विकास वर्मा और उनके भाई अमन को बंधक बना लिया और घर व दुकान से लाखों की नकदी व जेवरात लूट ले गए।
सूचना मिलने पर होमगार्ड और पीआरडी के जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन बदमाश फायरिंग करते हुए गन्ने के खेतों से भाग गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। करीब एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की गई, मगर लूट में शामिल अपराधियों के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी।
क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम सीसीटीवी फुटेज व बीटीएस लोकेशन के आधार पर लगातार जांच कर रही है, लेकिन अब तक किसी भी बदमाश की पहचान संभव नहीं हो पाई है।
करीब पांच वर्ष पूर्व इसी क्षेत्र में मेडिकल व्यापारी विकास वर्मा की दुकान से लगभग बीस मीटर दूर स्थित जिला सहकारी बैंक में भी चोरी का प्रयास हुआ था। बदमाश बैंक का ताला तोड़कर भीतर घुस गए थे, लेकिन तभी चौकी पर तैनात सिपाही बृजेश तिवारी की नजर उन पर पड़ गई।
उन्होंने मौके पर पहुंचकर बदमाशों का सामना किया। इस दौरान बदमाशों ने उनके सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।
हालांकि, वारदात को अंजाम देने में वे असफल रहे, लेकिन घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
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अंतरजनपदीय अपराधियों की संभावना को लेकर स्थानीय पुलिस के अलावा लखनऊ, शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई की पुलिस टीम भी इस घटना के खुलासे में लगी है। मामले में कुछ जानकारी मिली है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार होंगे।
- यदुवेन्द्र यादव, सीओ मितौली