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... तो शहरी क्षेत्र से बाहर हो सकता है खीरी टाउन!

Fri, 01 Jan 2016 06:24 PM IST
लखीमपुर खीरी
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अपनी मांगों को लेकर लगातार बिजली चेकिंग का विरोध कर रहे खीरी टाउन के लोगों के लिए एक नई समस्या का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल खीरी टाउन बिजली विभाग के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। यहां हर माह 80 से 90 लाख रुपये की बिजली खर्च हो रही, लेकिन उसके अनुपात में महज 15 से 18 लाख रुपये ही राजस्व मिल पा रहा है। कम राजस्व मिलने और बिजली खपत में इजाफा होने के कारण खीरी टाउन पर शहरी क्षेत्र से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है।
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बता दें कि खीरी टाउन में राजस्व वसूली के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा दो बार अभियान की शुरुआत की गई, लेकिन लोगों के विरोध के कारण अभियान नहीं चल पाया। विरोध करने वाले लोगों का आरोप है कि कस्बे में कैंप लगाकर लोगों के कनेक्शन के लिए रुपये लिए गए, लेकिन कनेक्शन नहीं किया गया। वहीं कस्बे में जर्जर बिजली लाइनों को सुधारने और बिल जमा करने के लिए केंद्र स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं बिजली अधिकारियों का कहना है कि जिनके कनेक्शन की रसीद काटी गई है, उनकी फीडिंग नहीं की गई थी, जिसे पूरा करा लिया गया है। लखीमपुर विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता रजनीकांत मिश्रा का कहना है कि शासन की नीति है कि जहां राजस्व ज्यादा मिले, उस क्षेत्र को ज्यादा बिजली दी जाए। खीरी टाउन में पहले से ही करीब 40 लाख रुपये का राजस्व बकाया है। इसके अलावा करीब 80 लाख की बिजली हर माह खर्च हो रही है। उसकी तुलना में विभाग को 15 से 18 लाख रुपये ही मिल पा रहे हैं। शासन का निर्देश है कि बिजली खपत के सापेक्ष ही राजस्व की भी वसूली होनी चाहिए। ऐसे में अगर खीरी टाउन के लोग चेकिंग अभियान का विरोध करेंगे तो कस्बे को शहरी क्षेत्र के बजाए ग्रामीण क्षेत्र के फीडर से जोड़ने का ही विकल्प बचेगा। ईई का कहना है कि प्रयास किया जा रहा है खीरी टाउन के लोग चेकिंग कराने पर सहमत हो जाएं।
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