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तीन घोड़ों में मिला ग्लैंडर फारसी, दो को इंजेक्शन देकर मारा

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जीवाणु जनित बीमारी के मनुष्यों में फैलने का रहता है खतरा
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इस बीमारी का कोई इलाज या टीका मौजूद नहीं
लखीमपुर खीरी। जिले में ग्लैंडर रोग से प्रभावित तीन घोड़े मिले हैैं। इसमें से दो घोड़ों को पशुपालन विभाग ने इंजेक्शन देकर मार डाला। जबकि तीसरे घोड़े को इस संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इन घोड़ों के मालिकों को विभाग की ओर से 25-25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ टीके तिवारी ने बताया कि ग्लैंडर फारसी अश्व प्रजाति के घोड़ा, खच्चर, गधा और टट्टू में पाया जाता है। जीवाणु जनित संक्रमित रोग इन जानवरों से मनुष्यों में फैल जाता है, जिससे मृत्यु तक हो सकती है। इस बीमारी की रोकथाम का कोई इलाज और टीका उपलब्ध नहीं है। इस रोग से पशु की मृत्यु निश्चित है। इसलिए अश्व प्रजाति के पशुओं के रक्त नमूनों की जांच कराई जा रही है। इस कड़ी में खीरी टाउन के मोहल्ला घोसियाना निवासी जाबीर, धौरहरा निवासी अतीक और किस्मत के घोड़ों के रक्त का नमूना लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र हिसार हरियाणा भेजा गया था। लैब जांच में तीनों घोड़ों में ग्लैंडर फारसी की पुष्टि हुई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि धौरहरा के दोनों घोड़ों को इंजेक्शन देकर मार डाला गया है। खीरी टाउन के घोसियाना निवासी जाबीर के घोड़े को भी जल्द इंजेक्शन देकर जल्द मौत के घाट उतारा जाएगा।
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