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Lakhimpur Kheri: बोरवेल में गिरा तेंदुआ... 10 घंटे तक चला रेस्क्यू, फिर हुआ कुछ ऐसा, देखती रह गई टीम

Wed, 08 May 2024 12:32 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

धौरहरा रेंज में एक तेंदुआ बोरवेल में गिर गया। उसके गुर्राने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने 10 घंटे तक रेस्क्यू चलाकर उसे बोरवेल से बाहर निकाला। 
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धौरहरा रेंज में तेंदुए को रेस्क्यू करती वन विभाग की टीम।
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी जनपद में धौरहरा रेंज में एक बोरवेल में तेंदुआ गिर गया, जिसे 10 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका। सोमवार की देर रात 12 बजे बोरवेल के गड्ढे में सीढ़ी डालकर तेंदुए को निकाला गया। बाहर निकलते ही तेंदुआ छलांग लगाकर भाग गया। जेसीबी से रेस्क्यू कर रही टीम के सदस्य उसे देखते रह गए।

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दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन की धौरहरा रेंज के ईसानगर जंगल से भटककर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक तेंदुआ बालूपुरवा गांव जा पहुंचा। सड़क किनारे बनी झाड़ियों में छिपकर बैठ गया। उसी दौरान चहलारपुर गांव निवासी पुत्तीलाल वहां से गुजर रहे थे। जैसे ही पुत्तीलाल तेंदुए के पास से गुजरने उसने हमला कर दिया। तेंदुए ने दाएं हाथ पर पंजा मारा। इससे वह घायल हो गए।

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पुत्तीलाल के शोर मचाने पर तमाम ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर आ गए और तेंदुए को खदेड़ दिया। जान बचाकर भागने के दौरान तेंदुआ गांव के पास ही बंद पड़े बोरवेल में जा गिरा। उसके ओर झाड़ियां थीं। तेंदुए की गुर्राने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने बोरवेल में झांका तब वन विभाग को सूचना दी। दोपहर दो बजे करीब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को बोरवेल से बाहर निकालने की कवायद शुरू की।

 

सुरक्षा घेरा बनाकर किया गया रेस्क्यू 
इस दौरान बफरजोन के डीएफओ सौरीष सहाय और एसडीओ मनोज तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल क्रेन, सीढ़ी और रस्सी आदि मंगवाई। बोरवेल में गिरे तेंदुए को देखने के लिए सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए। बोरवेल से कुछ दूरी पर सुरक्षा घेरा बनाया गया, ताकि रेस्क्यू में बाधा न पड़े। लगातार कोशिश करने के बाद भी तेंदुआ बोरवेल से बाहर नहीं आया।

टाइगर रिजर्व प्रशासन के पशु चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद शाम करीब सात बजे बोरवेल में सीढ़ी लगवाई गई और तेंदुए के बाहर निकलने का इंतजार किया गया। रात करीब 12 बजे तेज आवाज में गुर्राने के बाद तेंदुआ खुद सीढ़ी पर चढ़कर बोरवेल से बाहर आ गया।

बाहर आते ही उसने छलांग लगाई और तेजी से भागकर खेतों में गुम हो गया। इस बीच वन विभाग ने जिधर भीड़ एकत्र थी, उधर जाल लगा दिया था। जबकि दूसरी तरफ का खुला रास्ता रखा गया था। तेंदुए के बोरवेल में गिरने के बाद और उसके बाहर निकलने तक ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही।
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तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ
डीएफओ बफरजोन सौरीष सहाय ने बताया कि तेंदुए की उम्र 4 से 5 वर्ष के करीब है। वह पूरी तरह स्वस्थ है। बोरवेल से निकलते ही सामान्य तेंदुओं की तरह उसने छलांग लगाकर तेजी से दौड़ लगाई। तेंदुए की निगरानी कराई जा रही है। 

तेंदुआ आसपास खेतों में छिपा हो सकता है। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार कैमरे लगाए गए हैं। तेंदुए के हमलों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए। दोबारा तेंदुआ दिखलाई पड़ने पर इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
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