लखीमपुर/मोहम्मदी। मोहम्मदी से पुवायां होते हुए बरेली तक के मार्ग पर रोडवेज बसों के संचालन को लेकर कई साल पहले सर्वे किया गया था। लोगों को बसें चलने की उम्मीद थी, लेकिन आज तक कोई रोडवेज बस नहीं चल सकी। ऐसे में अधिकांश यात्री डग्गामार वाहनों के सहारे हैं।
वर्ष 2018 में मोहम्मदी से पुवायां होते हुए बरेली तक बसों का संचालन होता था, जो कोराना काल में बंद हो गया था। उसके बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। इस पर काफी लोगों ने इस मार्ग पर रोडवेज बसों के संचालन की मांग उठाई। लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए निगम ने करीब डेढ़ साल पहले सर्वे कराया था, लेकिन बसों का संचालन सर्वे तक ही सीमित रहा।
इस मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन न होने पर गुलरिया परवज्तनगर, अकराबाद मोहम्मदपुर कामी, खजुरिया, मगरेना, केहुआ, भगेली, शेखापुर, मगरेना धमोला, सिसौरा निकूमपुर, मोहम्मदी सराय, जरिया, राजापुर बैनी, बड़ेरा, मियांपुर कॉलोनी, रधोला अकराबाद खजुहा, नयागांव, दरियाबाद, शाहपुर, खेरिया घासी राजा, भटटीचक, सुआताली आदि गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरेली और पुवायां से लखनऊ आने-जाने के लिए काफी मुश्किल हो गई है।
शाहजहांपुर से पकड़नी होती है बस
खजुआ के विवेक वर्मा ने बताया कि मोहम्मदी से पुवायां होते हुए बरेली की सेवा जब से बंद है, तब से काफी दिक्कत हो रही है। भगेली के प्रधान अंशुल त्रिवेदी ने कहा कि बरेली के लिए सीधे पुवायां होते हुए चलने वाली बस से आम जनता को काफी लाभ होता था। बाजार गंज निवासी भूतपूर्व सैनिक संगठन के तहसील अध्यक्ष अवनीश गुप्ता ने कहा डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। गुलौली रोड निवासी करुणेश मिश्रा ने कहा कि बरेली जाने के लिए अब शाहजहांपुर से बस पकड़नी होती है।
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वर्ष 2020 में इस मार्ग की सभी रोडवेज बसें बंद कर दी गई थीं। मार्ग का सर्वे हुआ था, उसमें बस चलने की बात कही गई थी। परिवहन मंत्री से मिलकर बस संचालन के लिए प्रयास किया जाएगा।
लोकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक
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