बाढ़ राहत घोटाले में एक और नया मामला सामने आया है। मोहनलालपुरवा के बाढ़ पीड़ितों का बाढ़ राहत का पैसा हड़पे जाने का खुलासा होने के बाद अब चंदनपुरवा, टापरपुरवा और झंडी में भी इसी तरह बैंक में फर्जी खाता खुलवाकर पैसा निकाले जाने का मामला सामने आया है। बैंक में फर्जी खाता खोलने में गारंटी के रूप में एक ही व्यक्ति ने हस्ताक्षर कर उसे प्रमाणित किया है। एडीएम के आदेश के बावजूद 24 घंटे बीत जाने के बाद भी मामले की अभी जांच शुरू नहीं हुई है।
बाढ़ राहत राशि घोटाला पर्त दर पर्त खुलता जा रहा है। मोहनलालपुरवा का घोटाला उजागर होने के बाद लालपुर ग्रामपंचायत के चंदनपुरवा निवासी रामनरेश का करीब 6500, टापरपुरवा के भगौती का 5500 रुपये और झंडी निवासी सुरेश की 4700 रुपये की चेक भारतीय स्टेट बैंक में खुले फर्जी खातों में जमाकर भुगतान कराया गया है। इन फर्जी खातों को खोलने में गवाह के रूप में बुद्धापुरवा निवासी एक व्यक्ति के हस्ताक्षर हैं।
सूत्र यह भी बताते हैं कि संबंधित लेखपालोें ने दलालों के माध्यम से बैंकों में फर्जी खाते खुलवाकर राशि हड़पी हैं। खाता खुलावाने वाले लोगों को दलाल ने तीन से चार सौ रुपये देकर सारी रकम हड़प ली। मजे की बात तो यह है कि अपनों की गर्दन फंसते देखकर एडीएम के आदेश के बावजूद मामले की जांच अभी तक शुरू नहीं की गई है। इतने बड़े घोटाले से पर्दा उठने के बाद भी राजस्व विभाग मामले में लीपापोती करने में जुटा हुआ है।
एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि मामले की जांच के निर्देश एसडीएम निघासन को दिए गए हैं। प्रमुख सचिव के दौरे के मद्देनजर व्यस्तता के कारण अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। जल्दी ही जांच कर कार्रवाई होगी।