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दो साल में सिर्फ दो गांव हो सके कुपोषण मुक्त

Sun, 02 Jul 2017 11:30 PM IST
अमित गुप्ता लखीमपुर खीरी।
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Malnutrition child - फोटो : Getty Images
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डीएम, सीडीओ सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारियों ने गोद लिए थे दो-दो गांव
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अतिकुपोषित बच्चों का कराया जाना था इलाज
अमित गुप्ता
लखीमपुर खीरी। डीएम और सीडीओ द्वारा गोद लिए गए दो गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित किया गया है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने दावा किया है कि पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत धुस्किया और रामनगर में अब एक भी बच्चा कुपोषित नहीं है। जबकि अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिए दो-दो गांवों को दो साल बाद भी कुपोषण की गिरफ्त से मुक्त नहीं कराया जा सका है।
बता दें कि राज्य पोषण मिशन के तहत सितंबर 2015 को हुए वजन दिवस के बाद सभी जिलास्तरीय अधिकारियों ने अतिकुपोषित/ कुपोषित बच्चों की अधिक संख्या वाले दो-दो गांवों को गोद लिया था। जिले में कुल 1167 ग्राम पंचायतें हैं। डीएम ने पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत धुस्किया को गोद लिया था, जिसमें 18 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए थे। जबकि सीडीओ ने इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामनगर को गोद लिया था, इसमें 12 बच्चे अतिकुपोषित थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने बताया कि गांवों में विलेज हेल्थ न्यूट्रीशन डे कार्यक्रम के जरिए बच्चों को चेकअप कराया गया और सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया गया। अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए विभागीय योजनाओं को लाभ बच्चों को दिया गया। अधिकारी का दावा है कि दिसंबर 2016 में कराए गए वजन दिवस में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में काफी कमी आई, जिसके बाद जून 2017 में पुन: धुस्किया और रामनगर में बच्चों का वजन कराया गया। इसमें सभी 18 एवं 12 बच्चे सामान्य वजन के मिले, जिस पर सीडीपीओ ने इन गांवों को कुपोषण मुक्त होने की रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंपी थी। लिहाजा सीडीओ अमित सिंह बंसल ने धुस्किया और रामनगर आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों का वजन कराया है।  
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जिले के दो गांवों धुस्किया और रामनगर को कुपोषण मुक्त कर दिया गया है, जिसकी शीघ्र ही डीएम द्वारा औपचारिक घोषणा की जाएगी। अन्य अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए गांवों को कुपोषण मुक्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले कई महीनों से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बजट न होने से हाटकुक्ड का वितरण बाधित है। इसके अलावा घी-दूध वितरण की योजना ठप है।
अखिलेंद्र दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी 
 
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