लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद में एजेंसियां पिछड़ गई हैं। अभी तक लक्ष्य दो लाख 9500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 46 फीसदी गेहूं खरीदा जा सका है, जिससे 12,714 किसानों को उचित समर्थन मूल्य प्राप्त हो सका। जबकि जनपद में किसानों की संख्या लाखों में है। इसके लिए सरकार ने छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के घर जाकर गेहूं खरीदने के आदेश दिए हैं। गुरुवार को खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त अनिल कुमार ने राजापुर मंडी स्थित सभी गेहूं क्रय की जांच की, जिनमें खरीद कम पाई गई। अपर आयुक्त ने सभी एजेंसियों और उनके क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों से संपर्क करके उनके घर से गेहूं खरीदने के निर्देश दिए।
रबी क्रय वर्ष 2020-21 में गेहूं खरीदने के लिए 153 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें ज्यादातर केंद्रों पर 50 फीसदी से कम ही गेहूं खरीद हुई है। अधिकारी लॉकडाउन के चलते गेहूं कम आने की बात कह रहे थे, लेकिन किसानों के लिए पहले से ही उपज बेचने के लिए आवागमन की छूट गई थी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि सभी एजेंसियों के प्रभारियों को मोबाइल क्रय केंद्रों के संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जिन क्रय केंद्रों पर आवक नहीं हो रही है, उन्हें इधर-उधर गांवों में खोला जाएगा। जिन गांवों में किसान अपना गेहूं क्रय केंद्र पर बेचना चाहते हैं, वो लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारियों से संपर्क करके क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकता है।