फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: 52 दिनों में महज 19 हजार मीट्रिक टन धान खरीद

विज्ञापन
राजापुर मंडी में सरकारी धान खरीद केंद्र पर हुई धान खरीद                          स्रोत:संवाद
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। एक अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद को 52 दिन पूरे हो चुके हैं। हाल यह है कि अभी तक महज 19 हजार मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी है, जबकि लक्ष्य 2.50 लाख मीट्रिक टन है। वहीं, प्राइवेट आढ़ताें पर चार लाख क्विंटल से ज्यादा की खरीद हो चुकी है।
विज्ञापन

जिले में पांच एजेंसियों के कुल 169 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन इनका फायदा होता नहीं दिख रहा है। विभागीय अधिकारियों की नजरअंदाजी के चलते लक्ष्य का आंकड़ा अब भी करीब 96 प्रतिशत दूर है। किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर फसल बेचने में काफी कठिनाई होती है, वहीं प्राइवेट आढ़तों पर आसानी के साथ फसल तुलवा ली जाती है।
मंडी सचिव सुधांशु कुमार ने बताया कि मंडी में शुरुआत से ही धान खरीद की जा रही है। अभी तक कुल 4.20 लाख क्विंटल की खरीद हो चुकी है। लगातार किसानों की आवक से मंडी में भीड़ देखी जा रही है।
विज्ञापन


महज सौ से दो सौ रुपये क्विंटल का दिख रहा अंतर
एक ओर जहां किसान आढ़तों पर 18 सौ से लेकर 1950 रुपये तक धान बेच रहे हैं, वहीं सरकारी क्रय केंद्रों की कीमत में महज 200 रुपये प्रति क्विंटल का असर देखा जा रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर कॉमन धान की कीमत 2183 रुपये, जबकि ग्रेड ए धान की कीमत 2203 रुपये तय है। नकहा के एक किसान ने बताया कि केंद्र पर धान ले जाने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। इसके बाद धान के क्वालिटी की जांच, छन्ने में कई किलो धान बेवजह निकल जाने के अलावा भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, जबकि आढ़त पर बिना किसी जांच पड़ताल के एक भाव में फसल खरीद ली जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें