पिछले चार दशक पुरानी वन रैंक वन पेंशन की मांग को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने पर सैनिक कल्याण संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण गोपाल त्रिवेदी ने खुशी तो जताई लेकिन उनका कहना है कि अभी इसे लागू नहीं किया गया है। इससे वन रैंक वन पेंशन की तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है।
सेना में सूबेदार के पद पर रहे कृष्ण गोपाल त्रिवेदी ने कहा कि यह मांग काफी समय से चल रही है। पिछली सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस बात का शुक्र है कि मोदी सरकार इस मसले पर कुछ आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन लागू करने का फार्मूला क्या है, इससे कितना फायदा और कितना नुकसान होना है। इस पर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को हुई पूर्व सैनकों की बैठक में जिला स्तर पर भी धरना-प्रदर्शन करने की रणनीति बनी थी लेकिन रक्षामंत्री मनोहर परिकर के आश्वासन के बाद इसे टाल दिया गया था। अब वन रैंक वन पैंशन लागू होने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।