लखीमपुर खीरी। पिछले वर्ष 2020 में कराए गए 67.12 लाख पौधरोपण के बाद शासन ने जीवित पौधों की रिपोर्ट मांगी है, जिसकी सूचना देने में कई विभागों के पसीने छूट रहे हैं। सबसे ज्यादा 29.27 लाख पौधरोपण ग्राम विकास विभाग ने कराया था, जिनमें करीब 19 लाख पौधे ही जीवित बचे हैं। शेष 10 लाख पौधे देखरेख के अभाव नष्ट हो गए हैं। ऐसे ही अन्य विभागों द्वारा लगाए गए हजारों पौधे नष्ट हो चुके हैं। सिर्फ वन विभाग का दावा है कि उसके द्वारा लगाए गए 19.18 लाख पौधे में सभी पौधे सुरक्षित और हरे भरे हैं। बता दें कि पौधों की देखरेख के लिए रोजगार सेवकों को जिम्मेदारी दी गई थी और मनरेगा से अनुरक्षण कार्य मद में भुगतान भी किया गया।
23 विभागों ने मिलकर जिले भर में 67.12 लाख पौधे लगाए थे, जिनका स्थलीय सत्यापन कराने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने नौ दिसंबर 2020 को जांच समिति बनाई थी। 21 जिला स्तरीय अधिकारियों को जांच अधिकारी नामित करते हुए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए थे।
डेढ़ माह बीतने के बाद भी राजस्व, पंचायत राज विभाग समेत आधा दर्जन से अधिक विभागों ने अभी तक सूचना नहीं दी है, जिससे इनमें मनगढ़ंत रिपोर्ट बनाए जाने की आशंका प्रबल हो गई है। हालांकि जिन विभागों ने अभी तक रिपोर्ट दी है, उनमें हजारों की संख्या में पौधे नष्ट होना बताए गए हैं।
श्रम विभाग ने 2700 पौधे लगाए थे, जिसमें 2459 पौधे ही जीवित बचे। परिवहन विभाग ने 2700 पौधे लगाए, जिसमें 2057 पौधे जीवित रह पाए। उद्यान विभाग ने 2,02,700 पौधे लगाए, जिसमें से 1,51,749 पौधे ही जीवित बचे। उद्योग विभाग ने 16200 पौधे लगाए, जिसमें 12480 जीवित बचे हैं। लोक निर्माण विभाग ने 15 हजार पौधे लगाए, जिसमें 10582 ही हरे भरे हैं। पर्यावरण विभाग ने 1.23 लाख पौधे लगाए, 1,17,300 पौधे सुरक्षित हैं। सिंचाई विभाग ने 15 हजार पौधे रोपे थे, जिसमें से 11378 पौधे सही हैं। वन विभाग ने 19,34,138 पौधे रोपे थे, जो सभी जीवित बताए जा रहे हैं।
जिम्मेदारी का नहीं किया निर्वाह
पौधरोपण के बाद जीवित बचे पौधों की रिपोर्ट अभी कई विभागों से मिलना बाकी है, जिसमें राजस्व, पंचायत राज विभाग समेत कई प्रमुख विभाग शामिल हैं। पिछले वर्ष पौधरोपण के दौरान ही इनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी तय की गई थी। रोजगार सेवकों को पौधों की देखरेख का दायित्व सौंपने के साथ ही इन्हें सुरक्षित रखने में आने वाले खर्च का भी मनरेगा से भुगतान करने की व्यवस्था शासन ने की थी। इसके बावजूद ग्राम विकास विभाग में सबसे ज्यादा करीब 10 लाख पौधे सूखकर नष्ट हो चुके हैं। ऐसे में जवाबदेही तय किया जाना जरूरी हो गया है, क्योंकि इस वर्ष 2021 में भी शासन ने जनपद में 80.70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है, जिसके लिए वन विभाग ने नर्सरी समेत अन्य तैयारी शुरू कर दी हैं।
पिछले वर्ष लगाए गए पौधों के जीवित होने की रिपोर्ट करीब 50 प्रतिशत विभागों ने दी है। शेष विभागों से भी जल्द रिपोर्ट मांगी जा रही है। वन विभाग द्वारा लगाए गए सभी पौधे जीवित हैं। वहीं जिन विभागों से अभी तक रिपोर्ट मिली हैं, उनमें सबसे ज्यादा ग्राम विकास विभाग में पौधे नष्ट हुए हैं। इसके अलावा अन्य विभागों में हजारों की संख्या में पौधे नष्ट हुए हैं। सभी विभागों से पौधरोपण की सत्यापन सूचना मिलने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- समीर कुमार, डीएफओ साउथ