पलिया के मकनपुर में केले की फसल को ट्रैक्टर से जोतता किसान। स्रोत : किसान
पलियाकलां। क्षेत्र के किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान न मिलने व धान की फसल निकल जाने के बाद सहफसली खेती के रूप में केले की फसल लगानी शुरू की थी। किसानों को उम्मीद थी कि गन्ना भुगतान की पूर्ति कुछ हद तक केले की फसल कर देगी, लेकिन केले की फसल का भी वाजिब मूल्य किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इससे गुस्साए किसान केले की फसल को ही जोत डाल रहे हैं।
इसी तरह मकनपुर क्षेत्र के किसान हरपाल मौर्य ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा कि काफी मेहनत और लागत लगाने के बाद बेहतर से बेहतर बीज डालकर केले की फसल लगाई थी। उम्मीद थी कि गन्ना भुगतान व धान का मूल्य न मिलने तक कुछ हद तक फसल वाजिब मूल्य देगी, लेकिन मंडी में 300 रुपये प्रति क्विंटल केले की फसल को खरीदा जा रहा है। मात्र तीन रुपये किलो अगर केला बेंचते हैं तो लागत निकाल पाना मुश्किल हो रहा है। इसी को देखते हुए करीब डेढ़ एकड़ केले की फसल को हैरो लगाकर जोत दिया है। केले के दामों पर भी सरकार से मांग की है कि एक निर्धारित मूल्य या एमएसपी फसल पर होना चाहिए।