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लेखपालों के सत्यापन पर टिकी दो विभागों की लाज

Thu, 25 Jun 2015 06:51 PM IST
लखीमपुर खीरी
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राजकीय नलकूपों से किसानों को पानी मिल रहा है या नहीं। इसकी जांच का जिम्मा डीएम किंजल सिंह ने लेखपालों को सौंपा है। डीएम के इस निर्देश के बाद नलकूप और बिजली विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। दोनों विभागों के अधिकारी-कर्मचारी लेखपालों के पहुंचने से पहले ही राजकीय नलकूपों की दशा सुधारने में लग गए हैं। डर है कि कहीं उनकी व्यवस्था दुरुस्त होने से पहले लेखपाल नलकूप का सत्यापन न कर लें। एक अधिकारी के मुताबिक 13 जगहों पर ट्रांसफार्मरों के फुंकने के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं।
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मौजूदा समय में जिले में 757 राजकीय नलकूप हैं। पिछले दिनों डीएम किंजल सिंह ने राजकीय नलकूपों की समीक्षा की, जिसमें 40 नलकूप बंद बताए गए थे लेकिन एसडीएम सदर ने इतने नलकूप सिर्फ लखीमपुर तहसील में बंद होना बताया। जिसके बाद डीएम ने जिले भर में नलकूपों की स्थिति की जांच कराने का निर्देश दिया और लेखपालों को सत्यापन का जिम्मा सौंपा। गौरतलब है कि नलकूप चलाने के लिए नलकूप और बिजली विभाग दोनों संयुक्त रूप से जिम्मेदार होते हैं। लखीमपुर विद्युत वितरण खंड प्रथम में करीब 300 सौ नलकूप हैं। इनमें कई नलकूपों पर तो ट्रांसफार्मर फुंका है। वहीं तमाम नलकूप मोटर फुंकने, नाली टूटने, आपरेटरों के न आने के कारण बंद पड़े हैं। ऐसे में नलकूपों के सत्यापन करने के डीएम के निर्देश के बाद नलकूप विभाग और बिजली विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। गुरुवार को दिनभर दोनों विभागों के अधिकारी नलकूपों पर आई खराबियों को दूर करने, ट्रांसफार्मर लगाने समेत अन्य प्रयासों में जुटे रहे। इस बाबत नलकूप विभाग के अधिषाषी अभियंता मो. आसिफ का कहना है कि 29 जून को लखनऊ में मुख्य सचिव की बैठक होनी है। उससे पहले हुई प्रशासन की बैठक में नलकूपों की स्थिति की समीक्षा की गई थी। इस समय जिले में कुल 33 नलकूप खराब हैं। उन्हें ठीक करवाने की कार्रवाई की जा रही है।
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